डिजिटल इंडिया की कामयाबी और मोदी सरकार की लोकप्रियता ने पाकिस्तान को भी अब डिजिटल पाकिस्तान की तरफ कदम बढ़ाने को मजबूर कर दिया है। पाकिस्तान की सत्ताधारी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने इसे गंभीरता से लेते हुए पिछले कुछ महीनों से इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया।
इमरान खान सरकार की कैबिनेट ने करीब तीन हफ्ते पहले फैसला किया कि डिजिटल डिप्लोमेसी के लिए मीडिया से जुड़े 23 अनुभवी लोगों की टीम बनाई जाएगी, जो सरकार के कामकाज को डिजिटल मीडिया के जरिए आम लोगों के साथ तमाम देशों तक भी पहुंचाएगी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के डिजिटल मीडिया प्रमुख डॉ अरशद खालिद के मुताबिक सरकार ने सूचना प्रसारण मंत्रालय को इस डिजिटल मीडिया विभाग के लिए अतिरिक्त 4 करोड़ 27 लाख रुपये का फंड मंजूर किया है। arsha
खबर है कि यह डिजिटल मीडिया टीम इमरान सरकार के हर फैसले का सोशल मीडिया के जरिए प्रचार प्रसार करेगी, साथ ही सरकार के बारे में फैलाई जा रही विपक्षी अफवाहों और नकारात्मक प्रचारों का भी जवाब देगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर सरकारी की नीतियों को विस्तार से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
पाकिस्तान के अखबार डॉन से बातचीत करते हुए डॉ अरशद खालिद ने साफ किया कि यह विभाग की जिम्मेदारी सरकारी नीतियों को लोगों तक पहुंचाने के साथ, तमाम फेक न्यूज पर नजर रखकर उसका जवाब देना, डिजिटल मीडिया को लेकर कारगर रणनीति बनाना और तमाम तरह के अभियानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कारगर तरीके से चलाना होगा।
इसका मुखिया एक जनरल मैनेजर होगा, साथ ही एक डिजिटल मीडिया कंसल्टेंट, पांच कम्युनिकेशन अफसर, तीन वीडियो एडिटर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर से लेकर 23 लोग होंगे। ये टीम पाकिस्तान के नेशनल चैनल पी टीवी को भी कंटेंट देगी और तमाम मंत्रालयों से लगातार संपर्क में रहेगी।