ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर का ठिकाना भी शामिल था। अब पाकिस्तान सरकार मुरीदके में जमात-उद-दावा के मुख्यालय को फिर बनाएगी।
पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुई मुरीदके स्थित जमात-उद-दावा के मुख्यालय को फिर बनाने का आश्वासन दिया है। पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) की एक राजनीतिक शाखा है। यह लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी) का मुखौटा संगठन है। इसने भारत के कई हिस्सों में आतंकवादी हमले किए हैं, जिनमें 2008 में हुआ भयावह 26/11 मुंबई हमला भी शामिल है।
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पीएमएमएल के अध्यक्ष खालिद मसूद सिंधु ने एक बयान में कहा कि सरकार ने भारतीय हमले में नष्ट हुई मस्जिदों के पुनर्निर्माण की घोषणा की है। यह एक स्वागत योग्य कदम है। पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं ने दावा किया था कि उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में ऑपरेशन बन्यनुन मारसूस के माध्यम से सटीक और ज़बरदस्त जवाबी हमला किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन बन्यनुन मारसूस की सफलता भारत को स्पष्ट संदेश है कि पाकिस्तान अपनी मातृभूमि की रक्षा करना जानता है। हम अपने देश के शहीदों को न भूले हैं, न कभी भूलेंगे। पीएमएमएल का हर कार्यकर्ता देश की रक्षा के लिए सजग और तत्पर है।
भारत ने किया था नेस्तनाबूद
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर का ठिकाना भी शामिल था। यह हमला पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। पाकिस्तान का दावा है कि लाहौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित मुरीदके में हुए हमलों में एक मस्जिद और एक शैक्षणिक परिसर को निशाना बनाया गया। तीन जमात-उद-दावा आतंकियों की हमले में मौत हो गई। इन आतंकियों के अंतिम संस्कार में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और नागरिक नौकरशाही के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए थे।