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पाकिस्तान: शहबाज सरकार ने इमरान खान को समझौते के लिए बुलाया, कहा- संवाद राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा

Sat, 03 Dec 2022 09:13 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

गृहमंत्री राना सनाउल्लाह ने रेलवे मंत्री ख्वाजा साद रफीक के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि विपक्षी पीटीआई पार्टी को बैठना चाहिए और आम चुनावों को लेकर सरकार के साथ बातचीत करनी चाहिए।
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पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह - फोटो : ट्विटर/राणा सनाउल्लाह खान
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विस्तार
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शहबाज शरीफ सरकार ने शनिवार को इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को बिना शर्तों के समझौते के लिए बुलाया। सरकार ने कहा कि बातचीत राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और समस्या का समाधान तभी निकल सकता है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे को सुनेंगे। 

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गृहमंत्री राना सनाउल्लाह ने रेलवे मंत्री ख्वाजा साद रफीक के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि विपक्षी पीटीआई पार्टी को बैठना चाहिए और आम चुनावों को लेकर सरकार के साथ बातचीत करनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि धमकी और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकतीं। 

इससे पहले शुक्रवार को पीटीआई प्रमुख व पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने चेतावनी दी थी कि अगर शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार बातचीत नहीं करेगी और आम चुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं करेगी तो वह पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की विधानसभा को भंग करेंगे। इन दोनों प्रांतों में इमरान की पार्टी पीटीआई की सरकार है। 
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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आम चुनाव कराने का विरोध कर रही है। मौजूदा नेशनल असेंबली का समय अगस्त 2023 में खत्म होगा। 

वहीं, रफीक ने कहास, उन्हें (इमरान खान) बिना शर्त बातचीत के लिए हमारे साथ बैठना चाहिए। बातचीत की जरूरत उन्हें (पीटीआई) है, हमें नहीं। वे बातचीत की बात भी शुरू करते हैं और फिर बात करने से भी कतराते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि विधानसभाओं को भंग करना पीएमएन-एन के नेतृत्व वाली सरकार के लिए गर्व की बात नहीं है। हम चाहते हैं कि विधानसभाएं अपना संवैधानिक कार्यकाल पूरा करें। रफीक ने यह भी कहा कि अगर खान गंभीर हैं तो उन्हें समझना चाहिए कि धमकी और बातचीत परस्पर अलग बातें हैं। 

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद इसी साल अप्रैल में प्रधानमंत्री के पद से हटा दिया गया था। तब से वह पाकिस्तान में नए सिरे से आम चुनाव की मांग कर रहे हैं। 

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