पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को मंगलवार को एक बार फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनसे मिलने से रोक दिया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्हें लौटना पड़ा।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की बहन अलीमा खान ने बताया कि आमतौर पर पुलिस उन्हें आगे नहीं जाने देती और बाद में जेल प्रशासन अदालत को यह सूचना दे देता है कि वे मुलाकात के लिए पहुँची ही नहीं।
अलीमा खान ने कहा, “इस बार हम अदियाला जेल के गेट तक पहुंच गए और अधिकारियों को अपनी मौजूदगी की जानकारी भी दी। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि हमारे चेहरे सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हो जाएँ, ताकि हमारी मौजूदगी से इनकार न किया जा सके।
उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि वे इस बार जेल के मुख्य गेट तक कैसे पहुँचीं। उन्होंने कहा कि यदि इसका खुलासा किया गया तो आगे ऐसा कर पाना मुश्किल हो जाएगा। अलीमा के मुताबिक, वे कुछ देर और रुक सकती थीं, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें वहाँ से जाने को कहा, क्योंकि ऐसा न करने पर उनकी नौकरियाँ खतरे में पड़ सकती थीं।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले सप्ताह जेल के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 51 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और उनकी रिहाई के प्रयास जारी हैं।
इस बीच, इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान के परिवार, वकीलों और सहयोगियों को उनसे हफ्ते में दो बार मिलने की अनुमति दे रखी है। हालांकि, पिछले कई महीनों से उन्हें इस अनुमति के बावजूद मुलाकात में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले महीने, खान के बेटे कासिम ने अपने पिता की हिरासत को “मनमाना” बताते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों के व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई थी और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन बताया था।