'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पड़ोसी मुल्क ने भारत के खिलाफ कायराना हरकतें शुरू की। उसने ड्रोन और मिसाइलों से भारतीय इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारत इसका संयमित और माकूल जवाब दिया। भारत ने पाकिस्तान के हर नापक मंसूबों को नाकाम किया। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का बड़ा बयान सामने आया है। उनके बयान साफ पता चल रहा है कि उनका मुल्क पस्त हो गया है और अब भारत से रहम की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा हालात के मद्देनजर अबर भारत आगे नहीं बढ़ता है तो उनका मुल्क भी तनाव कम करना शुरू करेगा।
डार ने पाकिस्तान के जियो न्यूज को बताया कि उन्होंने यह संदेश अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भी दिया था, जब उन्होंने दो घंटे पहले नई दिल्ली से बात करने के बाद उनसे संपर्क किया था। डार ने कहा, 'हमने आक्रमक कदम उठाया। अगर वे यहीं रुक गए तो हम भी रुकने पर विचार करेंगे।' इस बीच सूचना मंत्री अत्ता तरार ने भी कहा कि तनाव कम करना भारत के हाथ में है। तरार से जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान तनाव कम करेगा? तो उन्होंने कहा कि यह भारत के हाथ में है। अगर भारत तनाव कम करता है तो हम भी ऐसा ही करेंगे। तरार ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिक सीमाओं पर तैनात हैं।
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डार का कबूलनामा, लाचारी भी दिखाई
इससे पहले डार ने कहा, 'पाकिस्तान के पास कोई विकल्प नहीं था, इसलिए नूर खान एयर बेस पर हमले के बाद हमारे सैन्य नेतृत्व ने हमले तेज किए। अब और धैर्य नहीं। हम जवाब दे रहे हैं।' डार का यह बयान उनके मुल्क की लाचारी दिखा रहा है। जहां दुनियाभर के देश भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने को कह रहे हैं, वो दुनिया के सामने डींगें हांकने से बाज नहीं आ रहे हैं।
क्यों बिगड़े हालात?
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 7 मई को सटीक हमले किए। इसके जरिए भारत ने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत में 26 स्थानों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए। सेना ने हवाई अड्डों सहित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के दुश्मन के प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। शनिवार की सुबह विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में कहा कि भारत ने शनिवार को पाकिस्तानी सेना की उकसाने वाली कार्रवाइयों का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान का नापाक चेहरा भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद जम्मू-कश्मीर और पंजाब में निर्दोष लोगों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है।
अमेरिका ने मध्यस्थता की पेशकश
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार के साथ अलग-अलग बात की। विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शनिवार की सुबह एक बयान में यह जानकारी दी थी। दरअसल, 7 मई को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान की ओर से 15 भारतीय शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
जयशंकर के साथ अपनी बातचीत में रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तनाव कम करने और सीधा संवाद फिर से स्थापित करने के तरीकों को तलाशने की कोशिश करें। रुबियो ने चर्चाओं को सुविधाजनक बनाने में अमेरिकी समर्थन का प्रस्ताव दिया। ऐसे ही डार के साथ बातचीत में रुबियो ने दोहराया कि दोनों पक्षों को मौजूदा स्थिति को कम करने के तरीके खोजने चाहिए। रुबियो ने उनसे बीचबचाव की पेशकश की।
जयशंकर की दो टूक
विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत में कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में भारत का व्यवहार संयमित और जिम्मेदारी भरा है।