कश्मीर मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश हो गया है। दरअसल, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी पाकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर हैं। एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने दावा किया कि ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है। इसके लिए शरीफ ने रायसी का धन्यवाद किया, जबकि मीडिया के साथ अपने बातचीत के दौरान रायसी ने एक बार भी कश्मीर का नाम नहीं लिया व खामोशी बरती। राष्ट्रपति रायसी ने कश्मीर का उल्लेख करने से परहेज किया और इसके बजाय विशेष रूप से फलस्तीन में उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने वालों के लिए ईरान के समर्थन की बात की। इस बीच, रायसी से पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भी मुलाकात की है।
द्विपक्षीय संबंध सुधारने की कवायद
पाकिस्तान और ईरान ने जनवरी में एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किए थे। ऐसे में रायसी की यात्रा दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की कवायद के रूप में देखी जा रही। पहले तेहरान ने पाकिस्तान में ईरान विरोधी समूह के खिलाफ हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में कथित आतंकवादी ठिकानों पर छापेमारी कर ईरान को जवाब दिया था। दोनों देशों ने अतीत में एक-दूसरे पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है।
8 समझौते पर हुए हस्ताक्षर
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार रायसी और शरीफ की मौजूदगी में ईरानी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आठ समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति रायसी और प्रधान मंत्री शरीफ आतंकवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त प्रयासों पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच व्यापार और संचार संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की। एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रायसी ने कहा कि ईरान और पाकिस्तान द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक बढ़ाने का फैसला किया है।