पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता और परमाणु विवाद को लेकर नई हलचल तेज हो गई है। ईरान ने कहा कि अमेरिका से समझौता अभी दूर है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज आसिम मुनीर का तेहरान पहुंचना नई हलचल पैदा कर गया है। ईरान के मजार-ए-शरीफ स्थित वाणिज्य दूतावास ने उनकी यात्रा की पुष्टि की। यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम, युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। दूसरी तरफ अमेरिका और नाटो देश भी संभावित संकट की स्थिति के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
विज्ञापन
आखिर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अड़चन क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पहले भी दो बार परमाणु वार्ता में नुकसान उठा चुका है, इसलिए अब वह बातचीत के हर कदम पर सतर्क है।
ईरान ने अपने रुख को लेकर क्या बातें दोहराईं?
ईरान परमाणु अप्रसार संधि का सदस्य है।
उसे शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा इस्तेमाल करने का अधिकार है।
अभी बातचीत का मुख्य मुद्दा युद्ध खत्म करना है।
परमाणु समझौते के अंतिम बिंदुओं पर अभी चर्चा नहीं हो रही।
विज्ञापन
ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या बड़ा बयान दिया?
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर कड़ी कार्रवाई की क्योंकि वह किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहता। हालांकि दूसरी ओर ईरान का कहना है कि वह अभी किसी अंतिम समझौते के करीब नहीं पहुंचा है। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और नाटो क्यों चिंतित?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने नाटो सहयोगियों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस समुद्री रास्ते को बंद कर देता है तो उसके लिए वैकल्पिक योजना यानी प्लान बी तैयार रखना जरूरी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। अगर यहां संकट बढ़ता है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
क्या आसिम मुनीर की यात्रा से कूटनीतिक समीकरण बदल सकते हैं?
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा केवल औपचारिक दौरा नहीं है। यह ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में युद्ध, परमाणु वार्ता और ऊर्जा संकट एक साथ दुनिया की बड़ी चिंता बने हुए हैं। पाकिस्तान की ईरान से भौगोलिक और रणनीतिक नजदीकी को देखते हुए इस यात्रा को क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता है तो उसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बातचीत से समाधान निकलेगा या हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे।