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Pakistan Electricity Crisis: बिजली संकट से पाकिस्तान में हाहाकार, पीएम शरीफ बोले- 24 घंटों में दें इमरजेंसी प्लान

Sun, 05 Jun 2022 05:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शहबाज शरीफ ने उर्जा, पेट्रोलियम और वित्त मंत्रियों की एक समिति को एक कार्ययोजना पेश करने का काम सौंपा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि लोड शेडिंग को धीरे-धीरे कम करने की योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
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बिजली लोड शेडिंग के लिए शहबाज शरीफ ने मांगा आपातकालीन प्लान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान में भारी बिजली संकट के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों को अगले चौबीस घंटों के भीतर देश में बिजली की लोड शेडिंग को कम करने के लिए एक आपातकालीन योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में लोड शेडिंग नागरिकों, खासकर व्यापारिक समुदाय को के लिए समस्याएं पैदा कर रही है। 
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सूचना एवं प्रसारण मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ ने शनिवार को पांच घंटे की लंबी बैठक के दौरान स्थिति का विस्तार से जायजा लिया जहां उन्हें घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराने में आने वाली बाधाओं के बारे में जानकारी दी गई।

राज्य संचालित न्यूज एजेंसी 'एसोसिएट प्रेस ऑफ पाकिस्तान' के मुताबिक, 'शरीफ ने उर्जा, पेट्रोलियम और वित्त मंत्रियों की एक समिति को एक कार्ययोजना पेश करने का काम सौंपा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि लोड शेडिंग को धीरे-धीरे कम करने की योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।'
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'डॉन' समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 'बैठक में संघीय मंत्रियों और उच्च स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया, देश के विभिन्न हिस्सों में घंटों की लोड शेडिंग पर चर्चा की, इसके चलते लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।'

बैठक में लोड शेडिंग की स्थिति की समीक्षा की गई और देश में बिजली के इस्तेमाल में कमी करने के उपायों पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री शरीफ ने निर्देश दिया कि योजना को पाकिस्तान के लोगों के लिए बिजली लोड शेडिंग में स्पष्ट कमी सुनिश्चित करनी चाहिए।  रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ''365 दिनों की धूप'' का लाभ उठाने और दिन के समय बाजारों का संचालन करने का सुझाव दिया। 

मंत्री ने कहा कि अगर बाजार कराची को छोड़कर सही कारोबारी घंटे निर्धारित करते हैं, तो लगभग 3500 मेगावाट बिजली बचाई जा सकती है। देश में लगभग सात हजार मेगावाट बिजली की कमी से निपटने के लिए 'कठिन निर्णय' लेने की जरूरत है। लोड शेडिंग के मुद्दे ने कर्ज में फंसे देश की अर्थव्यवस्था को भी सामान्य रूप से प्रभावित किया है।  
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