इमरान चुनाव के अयोग्य घोषित पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को विदेशी नेताओं से मिले उपहारों की बिक्री से आय छिपाने के लिए पांच साल के लिए चुनाव के अयोग्य घोषित कर दिया है। इमरान खान के राजनीतिक भविष्य के लिए यह एक बड़ा झटका है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के फवाद चौधरी ने अपने समर्थकों से अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान कर डाला। इसके बाद कराची, इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर समेत तमाम शहरों में इमरान समर्थक सड़कों पर उतर आए और उग्र प्रदर्शन करते हुए सड़कें व हाईवे जाम कर दिए। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
पीटीआई के कार्यकर्ता और इमरान समर्थक कुछ लोग चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। यहां एक सांसद के पुलिस गार्ड ने गोली चलाई। बाद में यहां पहुंची पुलिस ने सांसद और गार्ड दोनों को हिरासत में ले लिया। राजधानी इस्लामाबाद में इमरान समर्थकों ने इकबाल टाउन के पास एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शन रोक लॉन्ग मार्च की तैयारी में जुटने को कहा
इमरान ने एक पहले से रिकॉर्डिड टेलीविजन संदेश में कहा, कार्यकर्ता प्रदर्शन के बजाय लॉन्ग मार्च की तैयारी में जुटें।
उपहारों में अंगूठी और महंगी घड़ियां शामिल
2018 में सत्ता में आए इमरान खान को विदेशी आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिले, जो तोशाखाना में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने इन उपहारों को देश के प्रासंगिक कानूनों के अनुसार रियायती मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया। पूर्व पीएम ने सुनवाई में ईसीपी को बताया कि सरकारी खजाने से खरीदे गए उपहारों की बिक्री से 21.56 करोड़ रुपये का भुगतान कर करीब 58 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। उपहारों में एक ग्रेफ कलाई घड़ी, कफलिंक की जोड़ी, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थीं।
- सार्वजनिक कार्यालय का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे : इमरान पर सार्वजनिक कार्यालयों का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है। पीएम के तौर पर मिले उपहारों को गैरकानूनी तरीके से बेचने के आरोप साबित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
सत्तारूढ़ गठबंधन के साथियों ने दी थी शिकायत
सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के सांसदों ने अगस्त में 70 वर्षीय इमरान के खिलाफ पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) में शिकायत दी थी। शिकायत में तोशखाना (देश का भंडार गृह) से रियायती मूल्य पर खरीदे गए उपहारों की बिक्री से हुई आय का खुलासा नहीं करने के लिए इमरान को अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने इस्लामाबाद स्थित ईसीपी सचिवालय में फैसला सुनाया। ईसीपी ने साथ ही कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्ट आचरण कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पीटीआई महासचिव असद उमर ने कहा कि फैसले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।