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पाकिस्तान: अब चुनाव नहीं लड़ सकेंगे इमरान, तोशाखाना मामले में अयोग्य करार; EC दफ्तर के बाहर फायरिंग की खबर

Fri, 21 Oct 2022 03:31 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने इमरान को अयोग्य करार दिया है। 
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इमरान खान(फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने इमरान को तोशाखाना मामले में अयोग्य करार दिया है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की है। आयोग की ओर से यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा पाकिस्तान में आजादी मार्च निकालने का एलान किया गया है। चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद इमरान खान चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर फायरिंग भी हुई है। हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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दरअसल, सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के सांसदों की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया था कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने तोशाखाना से अधिकांश सामान बिना भुगतान के ले गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद से लिए गए उपहारों का खुलासा नहीं किया और अपने बयानों में जानकारी छुपाई।

क्या था पूरा मामला?
2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिले, जो तोशाखाना में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने उसे प्रासंगिक कानूनों के अनुसार रियायती मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ने सुनवाई के दौरान ईसीपी को बताया कि राज्य के खजाने से खरीदे गए उपहारों की बिक्री से 21.56 करोड़ रुपये का भुगतान कर लगभग 58 लाख रुपये प्राप्त हुए। 
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उपहारों में, एक महंगी कलाई घड़ी, कफलिंक की एक जोड़ी, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियाँ शामिल थीं। इमरान खान के विरोधी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने आयकर रिटर्न में बिक्री दिखाने में विफल रहे। याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें पाकिस्तान के संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया जाए।

क्या है पाकिस्तान का कानून?
बता दें, पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी या तोशाखाना में रखा जाना चाहिए। यदि राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है। 
 
आजादी मार्च के लिए इमरान ने पार्टी को दिया 72 घंटे का वक्त 

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने 'आजादी मार्च' को लेकर अपनी पार्टी को 72 घंटे का समय दिया है। इमरान खान ने 72 घंटे के अंदर अपना कंटेनर तैयार करने को कहा है। इस कंटेनर में पार्टी ने एयर कंडीशनर, पंखे, एयर कूलर, एलईडी, शौचालय व हीटर लगाने की भी मांग की है। इसके तैयार होने के बाद पार्टी तय करेगी कि कंटेनर को लाहौर या पेशावर ले जाया जाएगा या नहीं। बता दें, बीते सोमवार को इमरान खान ने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा था कि इस मार्च को अक्तूबर में ही शुरू किया जाएगा, क्योंकि उनकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। वहीं उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर सरकार नए चुनाव की घोषणा नहीं करती है तो आजादी मार्च अक्तूबर में ही निकाला जाएगा। 

इमरान चुनाव के अयोग्य घोषित पीटीआई कार्यकर्ता सड़कों पर
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को विदेशी नेताओं से मिले उपहारों की बिक्री से आय छिपाने के लिए पांच साल के लिए चुनाव के अयोग्य घोषित कर दिया है। इमरान खान के राजनीतिक भविष्य के लिए यह एक बड़ा झटका है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के फवाद चौधरी ने अपने समर्थकों से अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान कर डाला। इसके बाद कराची, इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर समेत तमाम शहरों में इमरान समर्थक सड़कों पर उतर आए और उग्र प्रदर्शन करते हुए सड़कें व हाईवे जाम कर दिए। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। 

पीटीआई के कार्यकर्ता और इमरान समर्थक कुछ लोग चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। यहां एक सांसद के पुलिस गार्ड ने गोली चलाई। बाद में यहां पहुंची पुलिस ने सांसद और गार्ड दोनों को हिरासत में ले लिया। राजधानी इस्लामाबाद में इमरान समर्थकों ने इकबाल टाउन के पास एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया।

प्रदर्शन रोक लॉन्ग मार्च की तैयारी में जुटने को कहा 
इमरान ने एक पहले से रिकॉर्डिड टेलीविजन संदेश में कहा, कार्यकर्ता प्रदर्शन के बजाय लॉन्ग मार्च की तैयारी में जुटें।
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उपहारों में अंगूठी और महंगी घड़ियां शामिल
2018 में सत्ता में आए इमरान खान को विदेशी आधिकारिक यात्राओं के दौरान अमीर अरब शासकों से महंगे उपहार मिले, जो तोशाखाना में जमा किए गए थे। बाद में उन्होंने इन उपहारों को देश के प्रासंगिक कानूनों के अनुसार रियायती मूल्य पर खरीदा और उसे भारी मुनाफे पर बेच दिया। पूर्व पीएम ने सुनवाई में ईसीपी को बताया कि सरकारी खजाने से खरीदे गए उपहारों की बिक्री से 21.56 करोड़ रुपये का भुगतान कर करीब 58 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। उपहारों में एक ग्रेफ कलाई घड़ी, कफलिंक की जोड़ी, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थीं।
  • सार्वजनिक कार्यालय का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे : इमरान पर सार्वजनिक कार्यालयों का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है। पीएम के तौर पर मिले उपहारों को गैरकानूनी तरीके से बेचने के आरोप साबित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
सत्तारूढ़ गठबंधन के साथियों ने दी थी शिकायत
सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के सांसदों ने अगस्त में 70 वर्षीय इमरान के खिलाफ पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) में शिकायत दी थी। शिकायत में तोशखाना (देश का भंडार गृह) से रियायती मूल्य पर खरीदे गए उपहारों की बिक्री से हुई आय का खुलासा नहीं करने के लिए इमरान को अयोग्य ठहराने की मांग की गई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने इस्लामाबाद स्थित ईसीपी सचिवालय में फैसला सुनाया। ईसीपी ने साथ ही कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्ट आचरण कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। पीटीआई महासचिव असद उमर ने कहा कि फैसले को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
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