पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी
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पाकिस्तान में सत्ता के लिए खींचतान जारी है। इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने इमरान खान पर बात की। राष्ट्रपति अल्वी ने राजनीति से सक्षम लोगों के निष्कासन और जनादेश का सम्मान करने की आवश्यकताओं पर खेद व्यक्त किया। गौरतलब है कि चुनाव में सबसे अधिक सीटें इमरान खान के समर्थित उम्मीदवारों ने जीती। बावजूद इसके खान जेल में बंद हैं और प्रधानमंत्री पद के लिए नवाज शरीफ और बिलावाल भुट्टो चर्चा कर रहे हैं।
होस्टिंग बिजनेस नेट 2024 के तीसरे संस्करण में राष्ट्रपति अल्वी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनता की राजनीतिक भागिदारी के बिना वित्तीय समावेशन का मतलब नहीं है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लाखों युवा मतदाताओं के उत्साह और विश्वास की सराहना की। खान के बारे में उन्होंने कहा कि बहुत अफसोस है कि सक्षम लोगों को राजनीतिक क्षेत्र से बाहर किया जा रहा है। पाकिस्तान में सोशल मीडिया को बंद करके लोगों की बौद्धिक क्षमता को कमजोर किया जा रहा है।
राष्ट्रपति पहले भी साध चुके हैं निशाना
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कुछ दिन पहले चुनावी नतीजों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर ईवीएम का उपयोग होता तो धांधली का सामना नहीं करना पड़ता। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम के लिए हमारे लंबे संघर्ष को याद रखें। ईवीएम में कागज के मतपत्र होते हैं, जिन्हें हाथ से अलग किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर मशीनों का इस्तेमाल किया जाता तो प्रत्येक उम्मीदवारों का योग मतदान समाप्त होने के पांच मिनट बाद ही उपलब्ध हो जाता।
पीटीआई सांसद इस पार्टी में होंगे शामिल
इसके अलावा, पीटीआई ने अपने ही एक फैसले को पलटते हुए कहा कि पार्टी समर्थित 92 स्वतंत्र उम्मीदवार दक्षिणपंथी सुन्नी इत्तेहाद परिषद में शामिल होंगे। सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल इस्लामी राजनीतिक और धार्मिक दलों का एक गठबंधन है। पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर खान ने एमडब्ल्यूएम और एसआईसी नेताओं के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नेशनल असेंबली, पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा विधानसभाओं में हमारे उम्मीदवार सुन्नी इत्तेहाद परिषद में शामिल होंगे। उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे जमा कर दिए हैं और उनकी सहमति से आज हम घोषणा कर रहे हैं कि पीटीआई समर्थित निर्दलीय सुन्नी इत्तेहाद परिषद में शामिल हो रहे हैं। गोहर ने कहा कि पीटीआई ने औपचारिक समझौता किया है। इसे अनुरोध के साथ पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बता दें, पार्टी ने पहले फैसला किया था कि नेशनल असेंबली और पंजाब असेंबली के लिए चुने गए उसके सदस्य शिया पार्टी मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (एमडब्ल्यूएम) में शामिल होंगे। खैबर-पख्तूनख्वा (केपी) में चुने गए लोग जमाती-ए-इस्लामी (जेआई) का हिस्सा बनेंगे।