पाकिस्तान के सियालकोट शहर में फैक्टरी मैनेजर के रूप में काम कर रहे एक श्रीलंकाई नागरिक की हुई सरेआम हत्या से पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रियांता कुमारा नाम के 49 वर्षीय श्रीलंकाई नागरिक की हत्या पिछले शुक्रवार को भीड़ ने कर दी थी। भीड़ का आरोप था कि कुमारा ने इस्लाम का अपमान किया है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस घटना पर तुरंत कदम उठाए। इस मामले में अब तक 130 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटना के बाद इमरान खान ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे से बातचीत की। इसमें उन्होंने कहा कि इस घटना से पाकिस्तान में भारी गुस्सा है और यह पाकिस्तान के लिए शर्म की बात है। इसके अलावा उन्होंने उस व्यक्ति को इस्लामाबाद बुला कर सम्मानित किया, जिसने कुमारा को बचाने की कोशिश की थी। विश्लेषकों का कहना है कि इमरान खान ने ये फुर्ती इसलिए दिखाई, क्योंकि उन्हें इसका अहसास है कि इस घटना से पाकिस्तान के लिए आगे चल कर बड़ी मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं।
सियालकोट खेलकूद के सामान, कपड़ा, सर्जिकल उपकरण, मार्शल आर्ट्स यूनिफॉर्म और जूते-चप्पल की मैनुफैक्चरिंग के लिए मशहूर है। एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान से कुल जितना निर्यात होता है, उनमें सियालकोट में बनी चीजों का हिस्सा 10 प्रतिशत है। इसे पाकिस्तान के सबसे सफल कारोबारी शहरों में गिना जाता है। सियालकोट इसलिए भी चर्चित है, क्योंकि यहां के कारोबारियों ने अपनी पहल से यहां हवाई अड्डे का निर्माण किया था।
प्रियांता कुमारा की हत्या से सियालकोट के कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सियालकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कहा है कि इस घटना से जो बदनामी हुई है, उससे उबरने में लंबा वक्त लग सकता है। देश में बढ़ती महंगाई और राजकोष की खराब हालत के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से संकटग्रस्त है। इस वजह से पाकिस्तान सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज लेना पड़ा। अब देश में 300 अरब रुपये के नए टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि इस स्थिति के बीच सियालकोट में हुई लिंचिंग की घटना का इस शहर और पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। इस्लामाबाद स्थित विश्लेषक सबूख सईद ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- पश्चिमी प्रोफेशनल सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण पाकिस्तान में काम नहीं करते। इसलिए पाकिस्तान को सिर्फ दक्षिण एशियाई विशेषज्ञों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब सियालकोट में हुई लिंचिंग की घटना से संभव है कि दक्षिण एशियाई एक्सपर्ट भी पाकिस्तान आकर काम करने से इनकार कर दें। इसका खराब असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज में रिसर्च फेलॉ अहमद नईम सालिक ने आशंका जताई है कि यूरोपीय देश इस घटना को पाकिस्तान के मानव अधिकार रिकॉर्ड से जोड़ कर देख सकते हैं। इससे वहां पाकिस्तान से निर्यात में रुकावट आ सकती है। पाकिस्तान पहले से ही आतंकवाद के मुद्दे पर घिरा हुआ है। अब सियालकोट की घटना से उसकी अर्थव्यवस्था को और तगड़ा झटका लगने का अंदेशा है।