सरकार अब अतिरिक्त खर्चों में कटौती कर रही है। इस्लामाबाद में कैबिनेट की बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, यह समय की मांग है। उन्होंने कहा, आत्मसंयम, सादगी और त्याग समय की मांग है।
पाकिस्तान इस समय गहरे आर्थिक संकट से घिरा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार तीन अरब अमेरिकी डॉलर से भी कम रह गया है। महंगाई आसमान छू रही है। देश के लोग सत्ता में बैठे हुक्मरानों से अतिरिक्त खर्च में कटौती करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, सरकार ने मंत्रियों के वेतन में कटौती का फैसला किया है। इसके अलावा मंत्री अब बिजनेस क्लास में हवाई सफर नहीं कर पाएंगे और महंगे पांच सितारा होटलों में भी नहीं ठहर सकेंगे।
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद हासिल करने के लिए पाकिस्तान को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। हाल ही में आईएमएफ की टीम पाकिस्तान पहुंची थी। सरकार के साथ उसकी नौ दौर की वार्ता हुई, लेकिन बेलआउट पैकेज पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद आईएमएफ की टीम वापस चली गई। तबसे वर्चुअल बैठक में ही आईएमएफ और पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों के बीच वार्ता हो रही है।
सरकार अब अतिरिक्त खर्चों में कटौती कर रही है। इस्लामाबाद में कैबिनेट की बैठक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, यह समय की मांग है। उन्होंने कहा, आत्मसंयम, सादगी और त्याग समय की मांग है।
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दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा आबादी वाला देश दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गया है। एक अनुमान के मुताबिक, महज 3 अरब अमेरिकी डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले देश को डॉलर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के मुताबिक, बाढ़ के कारण आपूर्ति में बाधा, खाद्य पदार्थों की कमी और आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण पहली बार महंगाई रिकॉर्ड तीस फीसदी से ऊपर चली गई है।
गंभीर परिस्थितियों के विरोध में आम लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि अतिरिक्त खर्च (मितव्ययता) उच्च स्तर पर हो रहा है। शरीफ ने कहा कि कई संघीय और राज्य मंत्रियों के अलावा उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों ने स्वेच्छा से वेतन और भत्तों को छोड़ने का फैसला किया है। सरकार ने अगले साल तक लग्जरी वस्तुओं और कारों की खरीद पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।