अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक मदद पर रोक के बावजूद भी पाकिस्तान की फितरत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला रहा है। पाक अभी भी आतंकियों को पनाहगाह के रूप में अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दे रहा है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी का इस संबंध में कहना है कि अमेरिका द्वारा दी जाने वाली मदद को रोकने की घोषणा के बावजूद भी उसके रूख में कोई निर्णायक और स्थिर बदलाव नहीं आया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय में दक्षिण-मध्य एशिया के मामलों के उप सहायक एलिस वेल्स का कहना है कि हमने पाक के रवैये में बदलाव तो नहीं देखा है। लेकिन हम पाक के साथ उन मामलों में संपर्क बनाए रखेंगे जिनमें वह तालिबान के समीकरण बदलने में सहायक की भूमिका निभा सकता है। काबुल सम्मेलन से हाल ही में लौटे वेल्स ने संवाददाताओं से आगे कहा कि अफगानिस्तान में शांति बहाली प्रक्रिया में पाक की अहम भूमिका है। साथ ही वेल्स ने पाक और अफगानिस्तान संबंधों को सुधारने की कोशिशों का भी समर्थन किया।
अमेरिकी विशेषज्ञ ने पाक सीमा पर चिंता जताते हुए कहा कि तहरीक-ए-तालिबान की मौजूदगी उन स्थानों में अधिक है जहां किसी का राज नहीं चलता है। उन्होंने आगे कहा कि यहां शरणार्थियों का बाहुल्य है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने द्विपक्षीय संबंध सुधारने के लिए पिछले माह एक समझौते की कोशिश की है जिसे हम समर्थन देते हैं। दक्षिण एशिया की तालिबान पर सैन्य दबाव डालने की रणनीति के तहत गहन कोशिशें महत्वपूर्ण हैं।