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Pakistan: उधार के पैसों से घी पीने की तैयारी, आईएमएफ के फंड से रक्षा बजट में बढ़ोतरी करेगा पाकिस्तान

Sat, 16 May 2026 01:59 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान सरकार अगले वित्त वर्ष में रक्षा बजट बढ़ाने की तैयारी में है। आईएमएफ के सुधार कार्यक्रम के तहत रक्षा खर्च में करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी प्रस्तावित है।
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शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी पीएम - फोटो : X @CMShehbaz
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विस्तार
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पाकिस्तान सरकार अगले वित्त वर्ष के बजट में रक्षा खर्च को करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये बढ़ाने की योजना बना रही है। सरकार यह बजट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा समर्थित एक सुधार कार्यक्रम के तहत तैयार कर रही है, जिसमें राजस्व में भारी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है।
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रिपोर्ट में क्या?
'डॉन' अखबार की एक रिपोर्ट में आईएमएफ के दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, साल 2026-27 के लिए पाकिस्तान का रक्षा खर्च 2.665 लाख करोड़ (ट्रिलियन) पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान है। पिछले साल यह खर्च 2.564 लाख करोड़ रुपये था। रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ ने 2026-27 के लिए पाकिस्तान के कुल संघीय राजस्व का अनुमान 17.144 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये लगाया है, जो मौजूदा वित्त वर्ष से 2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये से भी अधिक है। इसमें 13.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

इसमें यह भी कहा गया है, पाकिस्तान सरकार ने संघीय और प्रांतीय सरकारों के कुल खर्च में जीडीपी के 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की बात कही है। यह खर्च कुल 4.227 लाख करोड़ रुपये होगा। इसके अलावा, सरकार ने जून 2027 तक सभी सरकारी भुगतानों को पूरी तरह डिजिटल बनाने का लक्ष्य रखा है।
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आईएमएफ के सुधारों के हिस्से के रूप में, सरकार इस साल के अंत तक भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा आशंका वाले 10 संस्थानों की पहचान करेगी। इन संस्थानों का विशेष ऑडिट और विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही, राज्यों की भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं को भी और ताकत दी जाएगी।

सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि वह विशेष आर्थिक क्षेत्रों, निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्रों और विशेष टेक्नोलॉजी क्षेत्रों के लिए कोई नई रियायत या प्रोत्साहन शुरू नहीं करेगी। पुरानी रियायतों को भी साल 2035 तक धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी व्यवसायों के लिए एक समान माहौल तैयार करना है।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अत्यधिक गरीबी में रहने वाले लोगों के अलावा, पाकिस्तान की करीब 40 प्रतिशत आबादी आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। फिलहाल आईएमएफ का एक दल पाकिस्तान के दौरे पर है। यह दल अगले महीने संसद में पेश होने वाले बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में मदद कर रहा है। कैबिनेट और संसद में यह बजट अगले महीने की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।
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