जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से घर भेजने या नजरबंद करने के दावों का पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खंडन किया। उन्होंने इन दावों पर बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इमरान खान की रिहाई या नजरबंदी का फैसला अदालतें ही करेंगी और यह खबरें पूरी तरह से गलत हैं
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को उनके घर में भेजने या नजरबंद करने के दावों पर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को उन्होंने इन दावों और प्रस्ताव का पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और न ही इमरान खान की रिहाई के लिए कोई दबाव है।
विज्ञापन
बता दें कि पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का ये बयान हाल ही में इमरान खान की बहन अलीमा खान के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इमरान खान को अदियाला जेल से बनिगाला स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया था।
ख्वाजा आसिफ की प्रतिक्रिया
मामले में आसिफ ने कहा कि इमरान खान की रिहाई या नजरबंदी का फैसला अदालतें ही करेंगी।और यह खबरें पूरी तरह से गलत हैं कि इमरान खान को नजरबंद करने का प्रस्ताव दिया गया है । साथ ही उन्होंने पीटीआई पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक फायदा लेने के लिए झूठी बातें फैला रहे हैं। आसिफ ने कहा कि इमरान खान का भविष्य सरकार नहीं बल्कि अदालतें तय करेंगी। मैं कोई भविष्यवक्ता नहीं हूं।
विज्ञापन
एक नजर पूरे मामले में पर
गौरतलब है कि इमरान खान को 2023 के मध्य से रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है, जहां उनके खिलाफ कुछ मामलों में सजा दी गई है और कुछ में मुकदमा चल रहा है। हालांकि, इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी हिरासत खत्म करने को लेकर खबरें बढ़ गई हैं। मामले में सरकार और पीटीआई के बीच अभी भी बातचीत नहीं हो पाई है क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सहमति पूरी न करने का आरोप लगा रहे हैं।