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Pakistan: पाकिस्तान में फौजी ढांचा बदलने पर संकट? सीडीएफ पद की अधिसूचना अटकी, आसिम मुनीर का भविष्य अनिश्चित

Mon, 01 Dec 2025 04:34 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी/ब्यूरो, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन उन्हें नए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज पद पर नियुक्त करने की अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है। 

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आसिम मुनीर - फोटो : एक्स/डीजी आईएसपीआर
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विस्तार
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के भविष्य को लेकर संशय पैदा हो गया है। सेना प्रमुख के रूप में उनका तीन साल का कार्यकाल रविवार रात खत्म हो गया। उन्हें अगले पांच साल के लिए तीनों सेनाओं यानी थल सेना, नौसेना और वायुसेना का प्रधान यानी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) बनाने के लिए संविधान में 27वां संशोधन किया गया है। इसके तहत उन्हें 5 वर्ष तक तैनाती मिलनी है।

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सीडीएफ पद ने ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष पद की जगह ली है। यह पद 27 नवंबर को खत्म कर दिया गया। सीडीएफ, सेना प्रमुख के कार्यालय के साथ संयुक्त रूप से दोहरी भूमिका वाला पद होगा।

बता दें कि कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ ने 11 नवंबर को यह विधेयक नेशनल असेंबली में पेश किया था, जिसे एक दिन पहले सीनेट से मंजूरी मिल चुकी थी। एक दिन बाद असेंबली में विपक्ष के बहिष्कार के बीच विधेयक की सभी 59 धाराओं को मंजूरी दे दी गई। मतदान के दौरान 234 वोट पक्ष में और केवल चार विरोध में पड़े।
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उचित समय पर होगी तैनाती- रक्षा मंत्री आसिफ 
दिलचस्प है कि सेना प्रमुख का कार्यकाल खत्म होने के बाद मुनीर के पास कोई पद नहीं रह गया क्योंकि सीडीएफ के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने अधिसूचना जारी नहीं की। रक्षा विशेषज्ञों का दावा है, सरकार अब मुनीर को यह पद देने से हिचक रही है। उसे लगने लगा है कि इससे मुनीर के पास असीमित ताकत आ जाएगी। प्रधानमंत्री शहबाज अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं। हालांकि, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सीडीएफ की तैनाती की घोषणा उचित समय पर की जाएगी, अधिसूचना भी जारी हो जाएगी।

विधेयक के प्रमुख प्रावधान
बता दें कि विधेयक के अनुसार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर आर्मी चीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज की नियुक्ति होगी। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का पद 27 नवंबर 2025 को समाप्त हो गया। आर्मी चीफ, जो अब चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज भी होंगे और प्रधानमंत्री से सलाह लेकर नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के प्रमुख की नियुक्ति करेंगे।
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विधेयक में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यह प्रमुख हमेशा पाकिस्तानी सेना से होगा। सरकार अब सेना, वायुसेना और नौसेना के अधिकारियों को क्रमशः फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ एयर फोर्स और एडमिरल ऑफ द फ्लीट जैसे उच्च रैंक तक पदोन्नत कर सकेगी। वहीं फील्ड मार्शल का दर्जा जीवनभर रहेगा।

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