पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ी राहत मिली है। इमरान खान के खिलाफ 2018 के चुनाव में नामांकन के दौरान गलत जानकारी देने के आरोप में उनका नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ दायर इस याचिका को खारिज कर दिया है। पूर्व पीएम इमरान खान के खिलाफ मोहम्मद साजिद नामक याचिकाकर्ता ने याचिका दायर की थी।
याचिका में लगाए गए थे ये आरोप
याचिका में कहा गया कि 71 वर्षीय इमरान खान ने 2018 के चुनाव के दौरान अपने नामांकन में अपनी कथित बेटी टायरिन के बारे में जानकारी नहीं दी थी। इमरान खान की पार्टी ने 2018 के चुनाव में जीत दर्ज की थी और उसके बाद इमरान खान ने अगस्त 2018 से लेकर अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि इमरान खान ने अपने नामांकन में गलत जानकारी दी। इमरान ने अपने हलफनामे में सिर्फ अपने दो बेटों का जिक्र किया, लेकिन तीसरी संतान टायरिन का जिक्र नहीं किया।
नई पीठ ने खारिज की याचिका
इमरान की इस कथित बेटी की देखभाल उनकी पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने की। टायरिन की मां सीता व्हाइट ने 27 फरवरी 2004 को अपनी वसीयत में जेमिमा को ही टायरिन की जिम्मेदारी सौंपी थी। उसी साल यानी 2004 में ही सीता की मौत हो गई थी। इमरान खान के खिलाफ मई 2023 से ही लंबित था। दरअसल इस मामले पर सुनवाई कर रही इस्लामाबाद हाईकोर्ट की तीन जजों की पीठ को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आमेर फारुख ने भंग कर दिया था। मंगलवार को नई पीठ ने याचिका पर सुनवाई कर उसे खारिज कर दिया।
इमरान खान पर 2022 में हुए हमले के मामले में तीन दोषी करार
इमरान खान पर साल 2022 में जानलेवा हमला हुआ था। उस मामले में पाकिस्तान की आतंक रोधी अदालत ने मंगलवार को तीन लोगों को दोषी ठहराया है। इमरान खान पर 2022 में लाहौर प्रांत में एक विरोध रैली के दौरान हमला हुआ था। इस हमले में इमरान खान के पैर में कथित तौर पर तीन गोलियां लगीं थी। दोषी ठहराए गए लोगों की पहचान नावीद मेहर, वकास और तैयब के रूप में हुई है। नावीद मेहर को मुख्य दोषी बताया गया है और मेहर ने ही इमरान खान पर गोलियां चलाईं थी। वहीं वकास और तैयब ने मेहर को हथियार मुहैया कराया था।
उस हमले में पीटीआई के कार्यकर्ता की मौत हो गई थी और इमरान खान समेत 14 अन्य लोग घायल हुए थे। मेहर को मौके पर ही पीटीआई समर्थकों ने पकड़ लिया था। मंगलवार को गुंजरावाला स्थित आतंक-रोधी अदालत ने तीनों को दोषी ठहराया। कोर्ट 25 मई को इस मामले में सजा सुनाएगा। इमरान खान ने इस हमले का आरोप आईएसआई के मेजर जनरल फैसल नसीर, शहबाज शरीफ और तत्कालीन आंतरिक मामलों के मंत्री राणा सनाउल्लाह पर लगाया था। इमरान खान ने मेजरल जनरल फैसल नसीर पर केन्या में पाकिस्तानी पत्रकार अरशद शरीफ की हत्या का भी आरोप लगाया था।