उत्तर पश्चिम पाकिस्तान की एक स्थानीय अदालत ने सिख समुदाय के धार्मिक नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए चार हिंदु पुजारियों को जमानत दे दी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट लतिफ शाह ने चारों पुजारियों शिवनाथ शर्मा, सूरज कुमार, राम प्रकाश और कवल नाथ शर्मा को रिहा करने का आदेश दिया। इन पुजारियों को पेशावर पुलिस ने सिख धार्मिक नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस घटना से सिख समुदाय के लोग भड़क गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुजारियों ने सोशल मीडिया पर सिख समुदाय के 10 धार्मिक नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थीं।
पेशावर शहर के काबुली बाजार स्थित गुलफत हुसैन शहीद पुलिस स्टेशन में 22 अगस्त को चारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। 23 अगस्त को पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पंडितों ने कोर्ट में फिर से जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई का आदेश दे दिया।