पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक जोड़े पर आठ साल की नौकरानी की हत्या करने का आरोप लगा है। वे अब परिवार से सुलह चाहते हैं। नाबालिग लड़की के दादा सैयद फजल हुसैन शाह ने कहा कि परिवार ने कई बार उनसे सुलह करने के लिए संपर्क किया लेकिन हमने मना कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘हमें केवल न्याय चाहिए।’
फजल ने इस बात से इनकार किया कि बच्ची के माता-पिता ने उसे जोड़े से कुछ पैसा मिलने के बाद रावलपिंडी भेजा था। उन्होंने कहा, ‘उसके माता-पिता को इस बात का विश्वास दिलाया गया था कि उनके बेटी स्कूल जाएगी और वे उसका अच्छी तरह से ख्याल रखेंगे। जोड़े के यहां हाल ही में एक बच्चे ने जन्म लिया है।’
सैयद फजल ने कहा, ‘किसी तरह की तनख्वाह या कुछ और की मांग नहीं की गई। उसके मां-बाप को इस बात का आश्वासन दिया गया था कि उसे शहर में बेहतर शिक्षा और वातावरण दिया जाएगा। उसे चार महीने पहले रावलपिंडी ले जाया गया था और इस दौरान केवल दो-तीन बार मां-बाप से बात करवाई गई। आखिरी बार उसने ईद-उल-फितर के मौके पर अपनी मां से बात की थी लेकिन उनके डर से उनके बारे में कोई शिकायत नहीं की।’
शाह ने कहा कि बच्ची के माता-पिता को आश्वासन दिया गया था कि उसे ईद-उल-अजहा के मौके पर अपने घर जाने की इजाजत दी जाएगी। लड़की के तीन भाई और दो बहने हैं। वह गरीबी के कारण अपनी पढ़ाई शुरू नहीं कर पाई थी और मुजफ्फरगढ़ के लाल चंद्रा स्थित अपने गृहनगर में एक मदरसे में पढ़ाई कर रही थी।
इसी बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दंपति के मोबाइल फोन से कुछ वीडियो क्लिप भी बरामद किए हैं जिसमें लड़की को प्रताड़ित करने और पिंजरे में कैद किया हुआ देखा जा सकता है। पुलिस ने आरोपी व्यक्ति का डीएनए टेस्ट करने का फैसला लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं मृतका के साथ शारीरिक शोषण तो नहीं हुआ था।