पाकिस्तान पर भले ही वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की तलवार लटकी हो, लेकिन वह आतंकियों की खातिरदारी खूब कर रहा है। आतंकियों की मेहमाननवाजी कर रहा है। इनमें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का आतंकी रंजीत सिंह नीता का नाम शामिल हैं।
पाकिस्तान सरकार 21 दुर्दांत आतंकियों को दे रही है वीआईपी सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के पाखंड को लेकर चिंता में है, जो आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का दिखावा कर रहा है। पाकिस्तान आतंकियों को फंड मुहैया करा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार 21 दुर्दांत आतंकियों को वीआईपी सुरक्षा मुहैया करा रही है। इनमें वे आतंकी भी शामिल हैं, जिन पर पिछले महीने ही प्रतिबंध लगाए गए थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान में वीआईपी सुरक्षा पा रहे आतंकियों में दाऊद, बब्बर खालसा इंटरनेशनल चीफ वाधवा सिंह, इंडियन मुजाहिद्दीन चीफ रियाज भटकल, आतंकी मिर्जा शादाब बेग और अफिफ हसन सिद्दिबापा समेत कई आतंकियों के नाम शामिल हैं।
पिछले महीने पाकिस्तान ने 88 नेताओं और आतंकी समूहों के सदस्यों पर लगाया था प्रतिबंध
गौरतलब है कि पिछले महीने ही पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जारी नई सूची के अनुपालन में 88 नेताओं और आतंकी समूहों के सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसमें जमात उद दावा के हाफिज सईद, जैश-ए-मुहम्मद के मसूद अजहर और जकीउर रहमान लखवी शामिल थे। इन आतंकी संगठनों और उनके आकाओं की सभी संपत्तियों को जब्त करने और बैंक खातों को सील करने के आदेश दिए थे। पेरिस स्थित एफएटीएफ ने जून, 2018 में पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाला था और इस्लामाबाद को 2019 के अंत तक कार्ययोजना लागू करने को कहा था लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस समय सीमा बढ़ा दी गई थी।
बताया था दाऊद का ठिकाना
इतना ही नहीं, उस समय पाकिस्तान ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का ठिकाना भी बताया था और उसके बारे में पूरा ब्योरा दिया था। पाकिस्तान ने एक लंबी लिस्ट के जरिए बताया था कि दाऊद के पास 14 पासपोर्ट हैं। कराची में उसके तीन घर हैं। हालांकि, बाद में पाकिस्तान अपने दावे से पलट गया था। बता दें कि अक्तूबर में एफएटीएफ की बैठक है। एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद वित्तपोषण पर निगरानी रखने वाली संस्था है। दुनियाभर के देश वित्तीय कार्रवाई कार्य बल की सिफारिश को मानते हैं। मालूम हो कि एफएटीएफ ने कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इसकी बैठक को सितंबर तक के लिए टाल दिया था।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड था
बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सन 1993 में एक के बाद एक हुए बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा घायल हुए थे। इन धमाकों का मास्टरमाइंड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम था। दाऊद धमाकों से पहले ही भारत छोड़कर परिवार सहित पाकिस्तान भाग गया था। भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि दाऊद पाकिस्तान में रह रहा है और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसे शरण दी हुई है। हालांकि पाकिस्तान हमेशा इसे नकारता रहा है।
एफएटीएफ की मीटिंग अक्टूबर में
भारत सरकार ने अमेरिका की मदद से दाऊद इब्राहिम का नाम विश्वस्तरीय आतंकवादियों के समर्थकों की सूची में शामिल करवाया था। साल 2003 में तैयार सूची के मुताबिक एक पुलिस कांस्टेबल के बेटा दाऊद इब्राहिम पिछले तीन दशकों में भारतीय अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े अपराधियों में से एक है। बता दें कि एफएटीएफ की मीटिंग अक्टूबर में है। यह टास्क फोर्स दुनियाभर में मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग नेटवर्क पर नजर रखती है। दुनियाभर के देश इस टास्क फोर्स की सिफारिश को मानते हैं।