संक्रमित मरीज की पत्नी हाल ही में सऊदी अरब से लौटी है और उसे भी इसी तरह का त्वचा संक्रमण हुआ था, लेकिन कुछ दिन बाद उसका संक्रमण ठीक हो गया। जिस मरीज में एमपॉक्स की पुष्टि हुई है, वह हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव भी है।
पाकिस्तान में एमपॉक्स के दूसरे मामले की पुष्टि हुई है। कराची का रहने वाला 29 साल का एक व्यक्ति एमपॉक्स वायरस से संक्रमित पाया गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति कराची के मालिर जिले के शाह लतीफ इलाके का रहने वाला है। फिलहाल उसका जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में इलाज चल रहा है। मरीज दो दिन पहले अस्पताल आया था, उसे त्वचा पर संक्रमण की शिकायत हुई थी।
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संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही
एमपॉक्स संक्रमित मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत स्थिर है और उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है ताकि संक्रमण अन्य मरीजों में न फैल पाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संक्रमित मरीज की पत्नी हाल ही में सऊदी अरब से लौटी है और उसे भी इसी तरह का त्वचा संक्रमण हुआ था, लेकिन कुछ दिन बाद उसका संक्रमण ठीक हो गया। जिस मरीज में एमपॉक्स की पुष्टि हुई है, वह हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव भी है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि संक्रमित मरीज किन-किन लोगों के संपर्क में आया और उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है।
साल 2023 में पाकिस्तान में एमपॉक्स के आठ मामले मिले थे
अधिकारियों ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में इस साल एमपॉक्स का यह दूसरा मामला मिला है। साथ ही कराची में मिला मरीज सिंध का पहला एमपॉक्स का मामला है। इस साल पेशावर का रहने वाला एक व्यक्ति एमपॉक्स से संक्रमित पाया जा चुका है। वह भी मध्य पूर्व के देशों से लौटा था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 14 अगस्त 2024 को एमपॉक्स को अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बताया था। एमपॉक्स वायरस का संक्रमण दो कैटेगरी का है, जिनमें से एक क्लैड 1 और दूसरा क्लैड 2 टाइप है। क्लैड 1 बेहद खतरनाक है। गनीमत है कि अभी क्लैड 2 टाइप का संक्रमण ही मरीजों में पाया गया है। पाकिस्तान में साल 2023 में एमपॉक्स के आठ मामले मिले थे। ये सभी मरीज मध्य पूर्व के देशों से पाकिस्तान लौटे थे।
एमपॉक्स के लक्षण क्या हैं
एमपॉक्स संक्रमण में मरीज की त्वचा पर चकते की समस्या हो सकती है। साथ ही इसका असर दो से चार हफ्तों तक रह सकता है। इसमें मरीज को बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, थकान और लिम्फनोड में सूजन की समस्या हो सकती है। संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर यह संक्रमण हो सकता है।