पाकिस्तानी आर्मी (सांकेतिक तस्वीर)
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गिलगित-बाल्टिस्तान में सांप्रदायिक तनाव के बाद हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान के अंतरिम सूचना मंत्री मुर्तजा सोलांगी ने रविवार को दावा किया कि स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। बयान ऐसे वक्त आया, जब तनाव की वजह से इलाके में अगले आदेश तक मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद करना पड़ा है।
सोलांगी ने कहा कि गिलगित-बालटिस्तान में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। पाकिस्तानी सेना की तैनाती को लेकर मीडिया में प्रसारित हो रही खबरें निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में सभी सड़कें, व्यवसायिक केंद्र, व्यापारिक गतिविधियां और शिक्षण संस्थान पहले की तरह खुले हुए हैं। इस क्षेत्र में सुन्नी और शिया मुस्लिमों के बीच दुश्मनी का पुराना इतिहास रहा है।
मंत्री ने बताया कि चेहल्लुम या अरबईन की पूर्व संध्या पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी सेना और असैन्य सशस्त्र बलों की सेवाएं मांगी गई हैं। चेहल्लुम, इराक के करबला में हुई लड़ाई में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत के 40वें दिन होता है।
क्या है मामला?
दरअसल, गिलगित में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रख्यात सुन्नी मौलवी ने कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी। इसके कुछ घंटों बाद एक शिया समूह के आह्वान पर गिलगित शहर और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मौलवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कनाडा और अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेताया
गिलगित के पुलिस थाने में सुन्नी मौलवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि अन्य प्राथमिकी स्कर्दू में प्रख्यात शिया मौलवी के खिलाफ दर्ज की गई है। इस बीच ब्रिटेन ने शनिवार को कनाडा और अमेरिका की तरह अपने नागरिकों को उत्तरी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।