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Pakistan: नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान, केंद्रीय बैंक ने शहबाज सरकार को लगाई फटकार

Sun, 25 Dec 2022 02:49 AM IST
वीरेंद्र शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

अंतरराष्ट्रीय अनुभव का हवाला देते हुए पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि जो देश कीमत और वित्तीय स्थिरता की कीमत पर विकास को प्राथमिकता देते हैं, वह विकास को बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ। - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान इन दिनों नकदी संकट से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए विकास वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने से परहेज किया है। जिसके परिणामस्वरूप विकास में गिरावट आई। पाकिस्तान केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं करने के बावजूद पाकिस्तान सरकार मूल्य स्थिरता और वित्तीय स्थिरता हासिल करने में सक्षम नहीं रही है।
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अंतरराष्ट्रीय अनुभव का हवाला देते हुए पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि जो देश कीमत और वित्तीय स्थिरता की कीमत पर विकास को प्राथमिकता देते हैं, वह  विकास को बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने कहा, अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने बार-बार दिखाया है कि मूल्य और वित्तीय स्थिरता की कीमत पर विकास को प्राथमिकता देने वाले देश विकास को बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 के लिए अर्थव्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 23 में विकास दर वर्ष के लिए निर्धारित निम्न सीमा से कम होगी। इसने आगे कहा कि विकास दर 3-4 प्रतिशत से कम रहेगी। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने विकास दर के लिए कोई नई सीमा तय नहीं की। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भविष्यवाणी कर रही हैं कि विकास दर लगभग दो प्रतिशत रहेगी।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विकास में तेज गिरावट के कारण व्यापार और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी छंटनी हुई है। टेक्सटाइल मिलर्स, एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स लेटर ऑफ क्रेडिट न खुलने को लेकर चिंता जता रहे हैं, जिससे बिजनेस प्रभावित हुआ है। हालांकि सरकार ने कीमतों पर ध्यान केंद्रित किया, लेकिन पिछले पांच महीनों से मुद्रास्फीति 25 प्रतिशत के आसपास रही है, जो स्थिरता और विकास की बिगड़ती संभावनाओं का संकेत देती है।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की रिपोर्ट में कहा गया है, अंतरराष्ट्रीय अनुभव से पता चला है कि निरंतर वृद्धि और विकास के लिए मूल्य स्थिरता एक आवश्यक शर्त है। पाकिस्तानी सरकार विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं करने के बावजूद इनमें से किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई है।
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