भारत के आंतरिक मामलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने में नाकाम पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बुधवार को उसने एक बार फिर से नापाक हरकत करते हुए कश्मीर एकता दिवस मनाया। पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने कश्मीर मुद्दे पर कश्मीरी नागरिकों को अपना समर्थन देने की बात दोहराई। हर वर्ष पांच फरवरी को पाकिस्तान ‘कश्मीर एकता दिवस’ मनाता है।
राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अपने संदेश में कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त कर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है। वहीं प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि भारत ने नौ लाख से अधिक सैनिकों की तैनाती करके 80 लाख कश्मीरियों को अपने ही राज्य में कैदी बना कर रख दिया है।
इतने लंबे समय से लगे इन प्रतिबंधों ने भारत के लोकतंत्र और बुनियादी मानव मानदंडों के लिए इसके सम्मान की सच्चाई पूरी तरह से उजागर कर दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इन प्रतिबंधों और संचार माध्यमों पर लगे प्रतिबंधों को तत्काल हटाने की मांग करता है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने संदेश में पाकिस्तान द्वारा कश्मीरी लोगों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन जारी रखने की बात कही। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट रूप से कहा है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द करना भारत का आंतरिक मामला है और उसने पाकिस्तान को वास्तविकता स्वीकार करने की सलाह दी।