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Pakistan: पाकिस्तान-अमेरिका में अहम रक्षा समझौता, आधुनिक हथियार मिलने का रास्ता साफ

Thu, 03 Aug 2023 01:59 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

CIS-MOA एक आधारभूत समझौता है, जो अमेरिका अपने उन सहयोगी देशों के साथ करता है, जिनके साथ वह करीबी रक्षा संबंध रखता है।
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पाकिस्तानी कैबिनेट ने दी मंजूरी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान की कैबिनेट ने अमेरिका के साथ होने वाले अहम रणनीतिक समझौते को मंजूरी दे दी है। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग फिर से शुरू हो सकेगा, जो कि बीते कुछ सालों से बंद था। इस समझौते के साथ ही पाकिस्तानी सेना को अमेरिकी हथियार मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की कैबिनेट ने कम्यूनिकेशन इंटर ऑपरेबिलिटी एंड सिक्योरिटी मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (CIS-MOA) को मंजूरी दे दी है। 
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दोनों देश बढ़ाएंगे रक्षा सहयोग
हालांकि अभी तक पाकिस्तान की सरकार ने इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पाकिस्तान और अमेरिका फिर से रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। बीते दिनों पाकिस्तानी सेना के चीफ जनरल आसिम मुनीर ने यूएस सेंट्रल कमांड के चीफ जनरल माइकल एरिक कुरिल्ला से मुलाकात की थी। CIS-MOA एक आधारभूत समझौता है, जो अमेरिका अपने उन सहयोगी देशों के साथ करता है, जिनके साथ वह करीबी रक्षा संबंध रखता है। यह समझौता रक्षा निर्यात के लिए लीगल कवर के रूप में भी काम करता है, जिसकी मदद से अमेरिका किसी देश को आसानी से अपने हथियार बेच सकता है। 

संयुक्त सैन्यभ्यास, हथियार खरीद का रास्ता साफ
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच यह समझौता पहली बार अक्टूबर 2005 में 15 साल के लिए हुआ था। यह समझौता 2020 में खत्म हो गया था। अब यह समझौता दोनों देशों के बीच फिर से हो गया है, जिससे दोनों देश संयुक्त सैन्यभ्यास, ट्रेनिंग, हथियार खरीद आदि का रास्ता साफ हो जाएगा। पाकिस्तानी सेना अमेरिकी कंपनियों द्वारा बनाए गए हथियार इस्तेमाल करती है। अब इस समझौते के होने के बाद माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना फिर से अमेरिकी हथियारों की कोई डील कर सकती है। 
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फिर से अमेरिका के साथ संबंध होंगे मजबूत!
अफगानिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध काफी अच्छे थे लेकिन साल 2011 में ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मिलने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी। उसके बाद चीन के उभार के बाद पाकिस्तान चीन के करीब आ गया। वहीं अब अमेरिका और भारत के रिश्ते काफी मजबूत हैं। अब पाकिस्तान की मौजूदा सरकार में फिर से अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है और इस समझौते से दोनों देशों के रिश्तों में फिर से गर्माहट आने की, कम से कम पाकिस्तान तो उम्मीद कर ही रहा है। 
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