पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में शनिवार को एक पुलिस चेकपोस्ट को निशाना बनाकर बम धमाका किया गया। यह घटना दराजिंदा इलाके के पास अमन मेला चेकपोस्ट पर हुई। स्थानीय आपातकालीन सेवा रेस्क्यू 1122 के अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य घायल हुए हैं। धमाके के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे से लोगों को निकालने का काम शुरू किया।
विस्फोटक से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली चेकपोस्ट से टकराई
क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी खान मुबाशिर मलिक ने बताया कि हमलावर ने विस्फोटकों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस चेकपोस्ट से टकरा दिया। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। पुलिस के मुताबिक, मृतकों में दो महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क विभाग के दो अधिकारी भी हमले में मारे गए हैं।
पुलिस और सीमा शुल्क कर्मी भी घायल
पुलिस के मुताबिक, यह चेकपोस्ट मुगल कोट और दराजिंदा के बीच डीआई खान-क्वेटा रोड पर स्थित है। यह इलाका खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की सीमा के करीब है। धमाके में पुलिसकर्मियों और सीमा शुल्क विभाग के कर्मचारियों के अलावा दो आम नागरिकों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घायलों को शुरुआती इलाज देने के बाद कई लोगों को दराजिंदा और डेरा इस्माइल खान के मुफ्ती महमूद अस्पताल भेजा गया। रेस्क्यू 1122 के जिला आपातकालीन अधिकारी मुहम्मद आरिफ खान ने अतिरिक्त एंबुलेंस और कर्मचारियों को भी मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
बम निरोधक टीम ने शुरू की जांच
पुलिस ने बताया कि धमाके की प्रकृति और वजह का पता लगाने के लिए बम निरोधक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। फिलहाल विस्फोट के पीछे की पूरी वजह और जिम्मेदार लोगों को लेकर जांच जारी है। चेकपोस्ट का इस्तेमाल डीआई खान-क्वेटा मार्ग पर सुरक्षा जांच और निगरानी के लिए किया जाता है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी आतंकी गतिविधियां
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हाल के महीनों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी कई बार निशाना बनाया गया है। इसके बाद अधिकारियों ने आतंकवाद विरोधी अभियान तेज किए हैं। इस महीने की शुरुआत में पुलिस ने दावा किया था कि उसने डेरा इस्माइल खान के दराबान इलाके में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकियों के चेकपोस्ट पर हमले की कोशिश नाकाम कर दी थी। उस घटना में पुलिसकर्मियों के हताहत होने की जानकारी नहीं थी।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज के मासिक आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में मर्ज किए गए जिलों को छोड़कर मुख्य खैबर पख्तूनख्वा में 54 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई में यह संख्या 36 थी। यानी एक महीने में हमलों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।