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पाकिस्तान का आरोप: जाधव मामले में आईसीजे का फैसला गलत ढंग से पेश कर रहा भारत

Sat, 19 Jun 2021 11:20 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, इस्लामाबाद

सार

भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से उस विधेयक में मौजूद खामियों को दूर करने को कहा था, जो जाधव के मामले की समीक्षा के लिए लाया गया है। भारत ने कहा था कि प्रस्तावित कानून इस पर पुनर्विचार करने का तंत्र नहीं गठित करता है, जबकि आईसीजे के आदेश में इसके लिए कहा गया है। भारत ने कहा था कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायित्वों का निर्वहन किया है या नहीं, इसे देश की अदालतें तय नहीं कर सकतीं। 
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भारत-पाकिस्तान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान ने शनिवार को कुलभूषण जाधव मामले में भारत पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, जोर देते हुए कहा कि हम (पाकिस्तान) अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी दायित्वों को पूरा करने को तैयार है।

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इससे पहले गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिल्ली में कहा था कि समीक्षा एवं पुनर्विचार विधेयक 2020 आईसीजे के फैसले के अनुरूप जाधव के मामले में प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक तंत्र गठित नहीं करता है।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद अपने सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पूर्णत: निर्वहन कर रहा है और यह कुलभूषण जाधव के मामले में आईसीजे के फैसले पर भी लागू होता है। इसे लेकर उसने भारत की अपील को अफसोसजनक करार दिया।
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इसने कहा, 'यह अफसोसजनक है कि भारत सरकार ने आईसीजे के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का विकल्प चुना, जिसने पैरा 147 में स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनर्विचार का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए आबद्ध है।'

विदेश कार्यालय ने कहा, 'आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 146 के अनुरूप पाकिस्तान ने (समीक्षा एवं पुनर्विचार) अध्यादेश, 2020 के जरिए अपने यहां कुलभूषण जाधव को ऊपरी अदातलों में समीक्षा औक पुनर्विचार का अधिकार उपलब्ध कराने का विकल्प चुना है।'

कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 118 के अनुसार भारत को भलमनसाहत के साथ कार्य करने और जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व का इंतजाम करने की जरूरत है।

बता दें कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (51) साल 2016 से ही पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के कथित आरोपों केहत दोषी ठहराते हुए अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। 

वहीं, भारत ने पाक के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) का रुख किया था। आईसीजे ने जुलाई 2019 के अपने फैसले में कहा था कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनिर्वचार करे और बिना विलंब राजनयिक पहुंच प्रदान करे।

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