विदेशी कर्जे में डूबे पाकिस्तान ने कहा है कि उन देशों को कर्ज चुकाने में रियायत मिलनी चाहिए जो कोरोना के खतरनाक संकट से जूझ रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास के साथ फोन पर बात करते हुए ये प्रस्ताव रखा और आग्रह किया कि ऐसे मुश्किल समय में पाकिस्तान को कर्ज चुकाने में राहत मिलनी चाहिए। कुरैशी ने ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध को भी ऐसे मुश्किल वक्त में तत्काल हटाए जाने की मांग की है। पाकिस्तान का कहना है कि कोरोना से इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रभावित ईरान है और आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से वह इससे जूझने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। ईरान में कोरोना से अब तक 1550 से ज्यादा लोगों का जान जा चुकी है।
कुरैशी ने जर्मन विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान इस खतरनाक महामारी की वजह से भारत समेत तमाम देशों में हो रहे लॉकडाउन, सीमाओं की सील किए जाने और कश्मीर में बिगड़ते हालात जैसे मामलों पर भी चर्चा हुई।
कुरैशी ने जर्मन विदेशमंत्री से कहा कि दुनिया भर में आया यह भयानक संकट सभी देशों के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसका मुकाबला आपसी सहयोग से ही किया जा सकता है। जर्मन विदेश मंत्री ने इस मामले को जी-7 की आगामी बैठक में उठाने का भरोसा दिलाया और कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर देशों को कर्ज वापसी में छूट देने और ईरान पर प्रतिबंध के बारे में भी वो बात करेंगे। उन्होंने ये मसला अगले हफ्ते होने वाले यूरोपीय विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भी उठाने की बात कही।
पाकिस्तान किसी भी मंच पर और किसी भी मौके पर कश्मीर का मसला उठाने से भी नहीं चूकता। कोरोना वायरस के खतरे के बारे में बातचीत के दौरान भी जर्मन विदेश मंत्री से कुरैशी ने कश्मीर का रोना रोया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीनों से कश्मीर की हालतबेहद खराब है औरइस संकट की घड़ी में वहां लॉकडाउन करने से भी स्थानीय लोगों की मुश्किलें और गंभीर हो गई हैं। कुरैशी के मुताबिक अब तक कश्मीर से कोरोना के चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3611 मामलों पर नज़र रखी जा रही है। कश्मीर में 2600 लोगों को क्वारेंटाइन में भी रखा गया है।
कोरोना प्रभावित देशों में ईरान को इस क्षेत्र का सबसे ज्यादा प्रभावित देश बताते हुए कुरैशी ने जोर देकर कहा कि ऐसे वक्त में ईरान पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाना चाहिए। कुरैशी ने एक अलग बयान जारी कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्यों से भी मानवीयता के आधार पर इस मुश्किल वक्त में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध तत्काल हटाए जाने की मांग की है। उन्होंने सभी स्थाई सदस्य देशों के राजदूतों से आग्रह किया है कि वो प्रधानमंत्री इमरान खान का यह संदेश अपने देशों तक पहुंचा दें और ईरान की मदद करें। इस वक्त ईरान को तत्काल मेडिकल सहायता की सख्त जरूरत है।
ईरान के राष्ट्रपति रुहानी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और दूसरे देशों के नेताओं को पत्र लिखकर कोविड-19 के इस खतरनाक हमले से बचने के लिए तत्काल अमेरिका की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध को हटाए जाने की मांग की और मदद की अपील की है। इस बारे में ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने भी कुरैशी से बात की है।
जाहिर है पाकिस्तान ने ईरान पर प्रतिबंध हटाने के साथ ही जिस तरह कर्ज अदायगी में रियायत मांगने की बात की है, उससे साफ है कि वह आने वाले वक्त में कोरोना के नाम पर विश्व बैंक और एडीबी से मिलने वाले कर्ज को चुकाने को लेकर भी राहत और बाद में कर्जमाफी की मांग कर सकता है।