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Pakistan Economic Crisis: अमेरिकी थिंक टैंक की चेतावनी- अगर डिफॉल्टर घोषित हुआ पाकिस्तान, तो होगा गंभीर असर

Fri, 07 Apr 2023 09:41 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान उच्च विदेशी ऋण, स्थानीय मुद्रा की कीमत में गिरावट और घटते विदेशी मुद्रा भंडार की समस्या से जूझ रहा है। यूएसआईपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को अप्रैल 2023 से जून 2026 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की आधी राशि का भुगतान करने की आवश्यकता होगी।
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पाकिस्तान में आर्थिक संकट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान इस समय इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। देश के केंद्रीय बैंक में दो बिलियन अमेरिकी डॉलर से कम का मुद्रा भंडार रह  गया है। महंगाई आसमान छू रही है और आटा हासिल करने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। इस  बीच, अमेरिका के एक प्रमुख थिंक टैंक ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान को अप्रैल 2023 से जून 2026 तक 77.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज चुकाना पड़ेगा। नकदी संकट से जूझ रहे देश को इसके विघटनकारी प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। 

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देश के प्रमुख समाचार चैनल 'जिओ न्यूज' ने शुक्रवार को खबर दी कि यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस (यूएसआईपी) ने एक विश्लेषण प्रकाशित किया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि आसमान छूती महंगाई, राजनीतिक खींचतान और बढ़ते आतंकवाद के बीच विदेशी ऋण दायित्वों में चूक के कारण डिफॉल्टर होने के खतरे का सामना कर रहा है। 

पाकिस्तान उच्च विदेशी ऋण, स्थानीय मुद्रा की कीमत में गिरावट और घटते विदेशी मुद्रा भंडार की समस्या से जूझ रहा है। यूएसआईपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को अप्रैल 2023 से जून 2026 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर की आधी राशि का भुगतान करने की आवश्यकता होगी। इसमें कहा गया है कि अगर पाकिस्तान डिफॉल्ट करता है तो इसके विघटनकारी प्रभाव होंगे। 
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भारी कर्ज में डूबे देश को अगले तीन वर्षों में चीनी वित्तीय संस्थानों, निजी लेनदारों और सऊदी अरब को बड़े पैमाने पर पुनर्भुगतान करना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल से जून 2023 तक पाकिस्तान को निकट अवधि में ऋण भुगतान के दबाव का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उसके ऊपर विदेशी ऋण का बोझ 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर है। 


2019 में हस्ताक्षरित आईएमएफ कार्यक्रम 30 जून, 2023 को समाप्त हो जाएगा, और निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत, कार्यक्रम को समय सीमा से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। पाकिस्तान और आईएमएफ महीनों से ऋण कार्यक्रम की बहाली के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी समझौते पर नहीं पहुंचे हैं। पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए कोई आसान समाधान उपलब्ध नहीं है, और सरकार का मानना है कि उन्होंने रुके हुए आईएमएफ कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने के लिए कड़े फैसले लिए हैं।

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संसदीय पैनल ने की नादरा के अधिकारियों की जांच की मांग
पाकिस्तान के एक संसदीय पैनल ने कथित तौर पर सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और उनके परिवार की निजी जानकारी हासिल करने वाले एक सरकारी एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, दो पाकिस्तानी पत्रकारों ने इस हफ्ते की शुरुआत में एख व्लॉग में दावा किया था कि अक्तूबर 2022 में जनरल मुनीर के परिवार के निजी डाटा और यात्रा रिकॉर्ड को नेशनल डाटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (नादरा) के अधिकारियों द्वारा एक्सेस किया गया था, ताकि सेना प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति को रोका जा सके। 

नादरा ने सेना प्रमुख के परिवार की निजी जानकारी हासिल करने और चोरी होने की खबर की पुष्टि भी की थी। खबर में कहा गया है कि सांसद नूर आलम खान की अध्यक्षता में गुरुवार को संसद की लोक लेखा समिति की बैठक में इस उल्लंघन के बारे में मीडिया में आई खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। खान ने कहा कि डाटा चोरी में शामिल लोगों को सलाखों के पीछे होना चाहिए, इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस की आपराधिक जांच का हिस्सा होना चाहिए। 

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