सॉर्टी के लिए निकला था जेएफ-17 थंडर
आउट सोर्स इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा पांच जून को पाकिस्तानी समयानुसार सुबह 09:40 बजे हुआ है। पाकिस्तान एयर फोर्स का जेएफ-17 थंडर सुबह रफीकी एयर बेस से सॉर्टी के लिए निकला था। लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते जिला झंग के कस्बा माची वाला, 18 हजारी झंग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह फाइटर जेट पीएएफ की 14 स्क्वाड्रन का था, जिसे "टेल चॉपर्स" के तौर पर जाना जाता है। यह स्क्वाड्रन पाकिस्तानी एयर फोर्स की सेंट्रल एयर कमांड का हिस्सा है और यह कमांड अपने सर्वश्रेष्ठ हवाई मिशनों के लिए जानी जाती है। हालांकि इस हादसे में पायलट की जान बच गई और वह समय रहते जेट से इजेक्ट कर गया। जेएफ-17 थंडर के लिए सीट बनाने वाली कंपनी मार्टिन बेकर ने अभी इस हादसे को लेकर कुछ नहीं कहा है।
रफीकी एयरबेस पर तैनात है नंबर 14 स्क्वाड्रन
पाकिस्तान एयर फोर्स की नंबर 14 स्क्वाड्रन नवंबर 2022 से रफीकी एयरबेस पर तैनात है। इसी स्क्वाड्रन में जेएफ-17 थंडर मल्टीरोल फाइटर जेट भी हैं। जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट्स को पाकिस्तान एरोनॉटिकल कॉम्प्लैक्स और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने संयुक्त रूप से डेवलप किया है, और यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर निशान साध सकता है। पाकिस्तान की एयर डिफेंस रणनीति के तहत जेएफ-17 के महत्व को देखते हुए, पाकिस्तान एयर फोर्स इस विमान से जुड़ी किसी भी घटना की रिपोर्ट करने को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील है।
झंग में ही क्रैश हुआ था मिराज 5 रोज-3
इससे पहले 21 मई को ही पाकिस्तान एयर फोर्स का मिराज 5 रोज-3 फाइटर जेट पंजाब के शोरकोट रफीकी एयरबेस से करीब 12 किलोमीटर दूर शोरकोट तहसील में झंग के पास चक संख्या 412 में जेबी चीमियां वाली के पास हादसे का शिकार हो गया था। पाकिस्तान एयर फोर्स ने इस दुर्घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया था। मिराज 5 रोज-3 फाइटर जेट को जुनैद नाम का एक पायलट उड़ा रहा था, जो पाकिस्तान एयर फोर्स के 27 स्क्वाड्रन जारार से जुड़ा था। पाकिस्तान एयरफोर्स की यही स्क्वाड्रन रफीकी एयर बेस से मिराज 5 की सॉर्टी संचालित करती है। खास बात यह रही कि मिराज 5 में मार्टिन-बेकर पीआरएम6 सीट लगी हुई थी, 28 मई को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस हादसे के बारे में खुलासा किया था।
अब तक हो चुके हैं पांच जेएफ-17 थंडर क्रैश
वहीं, जेएफ-17 थंडर के क्रैश होने की यह पांचवी घटना है। इससे पहले ट्रेनिंग मिशन के दौरान अटक के पास जेएफ-17 थंडर के क्रैश होने की खबर 06 अगस्त 2021 को सामने आई थी। इस हादसे में ट्विन-सीटर जेएफ-17बी थंडर क्रैश हुआ था। 15 सितंबर, 2020 को भी जेएफ-17 थंडर विमान अटक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें भी पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया था। 27 सितंबर, 2016 को भी पाकिस्तानी वायुसेना का जेएफ-17 थंडर अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह हादसा उस वक्त जब विमान कथित तौर पर एक नियमित रात्रि मिशन पर था। हादसे में पायलट की मौत हो गई थी और कोई इजेक्शन नहीं हुआ था। वहीं, जेएफ-17 थंडर का पहला क्रैश 14 नवंबर, 2011 को एक नियमित उड़ान के दौरान पाकिस्तान के अटक जिले में हुआ था। इसमें भी पायलट की मौत हो गई थी। खास बात यह थी कि यह दुर्घटना पाकिस्तान वायु सेना के दुबई एयर शो में जेएफ-17 जेट को प्रदर्शित किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई थी।
म्यांमार को बेचे जेएफ-17 में आ गई थीं खराबियां
पाकिस्तान का यह लड़ाकू विमान अपनी तकनीकी खराबियों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। लेकिन फिर भी पाकिस्तान इसके पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान होने का दावा करता है। पाकिस्तान ने 2019-21 के दौरान सबसे पहले म्यांमार की सैन्य सरकार जुंटा को जेएफ-17 थंडर मल्टी-रोल फाइटर जेट की आपूर्ति की थी, लेकिन उनमें से 11 विमानों में खराबी की खबरें सामने आने के बाद उन्होंने इन्हें ग्राउंड कर दिया था। म्यांमार का कहना था कि जेएफ-17 एयरफ्रेम में कंपन संबंधी समस्याएं सामने आ रही थीं। पाकिस्तान ने चीन के साथ मिल कर इराकी वायु सेना को भी 12 जेएफ -17 थंडर ब्लॉक III बेचने का सौदा किया है। पाकिस्तान इसके अलावा नाइजीरिया, अजरबैजान को भी यह जहाज बेच चुका है। जेएफ-17 जेट की पहली टेस्ट फ्लाइट 2003 में चीन के चेंग्दू में हुई थी। वहीं पाकिस्तान वायु सेना ने 2010 में जेएफ-17 थंडर का प्रयोग शुरू किया था।
जेएफ-17 थंडर जेट की खासियतें
जेएफ-17 थंडर फोर्थ जेनरेशन का मल्टी-रोल एडवांस्ड एयर क्राफ्ट है। कम वजनी यह एयरक्राफ्ट हर मौसम में काम कर सकता है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने वाला मल्टी-रोल लड़ाकू विमान है। इसमें दुनिया की सबसे एडवांस एयरबोर्न इलेक्ट्रॉनिकली स्कैंडएरे (AESA) रडार और PL-15 बीवीआर (बियॉन्ड विजुअल रेंज) मिसाइल होना का दावा पाकिस्तान करता है।