पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अस्थायी युद्धविराम खत्म होते ही सीमा पर एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। बुधवार को हुई इस गोलीबारी में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह संघर्ष कुनार प्रांत के नाराई और सरकानो जिलों में हुआ, जहां पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी की गई। सूचना विभाग के अधिकारी जियाउर रहमान स्पींघर ने बताया कि दर्जनों तोप के गोले दागे गए, जिससे नागरिकों को भारी नुकसान हुआ।
दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई
अफगान सीमा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के तीन सैन्य चौकियों को नष्ट करने और एक व्यक्ति के मारे जाने का दावा किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से आरोप लगाया गया कि गोलीबारी की शुरुआत अफगान बलों ने की।
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ईद के बाद टूटा युद्धविराम
दोनों देशों के बीच यह अस्थायी युद्धविराम ईद-उल-फितर से पहले लागू किया गया था। इससे पहले सऊदी अरब, तुर्की और कतर के अनुरोध पर दोनों पक्षों ने संघर्ष रोकने पर सहमति जताई थी। यह समझौता पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के बाद हुआ था, जिसमें अफगान सरकार के अनुसार सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी, हालांकि इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो पाई।
टीटीपी ने फिर तेज किए हमले
इसी बीच तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने भी घोषणा की है कि उसने पाकिस्तान में अपने हमले फिर शुरू कर दिए हैं। टीटीपी, जो अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन माना जाता है, 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद से पाकिस्तान में लगातार हमले बढ़ा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए कर रहा है, जबकि काबुल सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।
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