पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने खैबर-पख्तूनवा प्रांतीय सरकार को करीब एक सदी पुराने उस हिंदू मंदिर का पुनर्निर्माण तत्काल कराने का आदेश दिया है, जिसे कुछ दिन पहले उन्मादी भीड़ ने ध्वस्त कर दिया था। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने प्रांतीय सरकार से 28 मार्च को होली के त्योहार तक मंदिर का दोबारा निर्माण पूरा करने और इसके लिए विस्तृत समयसीमा भी अदालत में दाखिल करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को दोबारा सुनवाई करेगा।
करीब एक सदी पुराने मंदिर का निर्माण पूरा करने की समयसीमा भी मांगी
खैबर-पख्तूनवा के कराक जिले के टेरी गांव में कट्टरपंथी पार्टी जमीयत उलमा-ए-इस्लाम (फजल उर रहमान गुट) के सदस्यों की उन्मादी भीड़ ने दिसंबर में प्रहलादपुरी मंदिर जलाकर ध्वस्त कर दिया था। इस घटना की बड़े पैमाने पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने आलोचना की थी।
इसके चलते ही पिछले महीने हाईकोर्ट ने मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने प्रांतीय सरकार को मंदिर जलाने वालों से ही निर्माण की लागत वसूलने का भी निर्देश दिया था।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान जस्टिस गुलजार ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी या रिकवरी किए जाने की जानकारी मांगी।
इवेक्यू ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड के वकील इकराम चौधरी ने किसी तरह की रिकवरी नहीं होने, लेकिन सरकार की तरफ से 3.04 करोड़ रुपये मंजूर करने की जानकारी पीठ को दी। इस पर जस्टिस गुलजार ने सोमवार को इवेक्यू ट्रस्ट प्रापर्टी बोर्ड के चेयरमैन को विस्तृत रिपोर्ट के साथ पेश होने का समन जारी करने का आदेश दिया।