पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) की संसद और विधानसभा में आरक्षित सीटों के लिए दी गयिा याचिका पर आज फैसला सुनाएगा। इसके पहले गुरुवार को कोर्ट ने फैसला टाल दिया था।
मुख्य न्यायाधीश काजी फैज ईसा की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय पीठ ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित एसआईसी द्वारा पेशावर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दी गई याचिका पर सुनवाई की है। इसके पहले चुनावा आयोग ने सीटों को लेकर आरक्षण देने से इनकार कर दिया था।
शीर्ष निकाय द्वारा नेशनल असेंबली में 70 आर्कियोलॉजी और चार स्टैंटिनल विधानसभाओं में अन्य 156 आर्काइव्स में अपने हिस्से की एसिस्टिक्स की याचिका को खारिज करने के बाद भर्ती की गई थी। इसके पहले गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश ईसा ने घोषणा की कि पैनल ने स्टूडियो परामर्श के लिए निर्णय को सुरक्षित बनाए रखने का निर्णय लिया है।
बेल आउट पैकेज को लेकर IMF से सकारत्मक बातचीत
वहीं पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने गुरुवार को कहा कि सरकार नए बेलआउट पैकेज को सुरक्षित करने के लिए इस महीने आईएमएफ के साथ समझौते पर पहुंचने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आईएमएफ के साथ हमारी सकारात्मक बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा कि आईएमएफ पाकिस्तान को कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहा है, जिसमें बजट में पहले से लगाए गए नए कर भी शामिल हैं।
पाकिस्तान को संतुष्ठ करने वाला बजट लाई थी सरकार
पिछले महीने पाकिस्तानी सरकार ने टैक्स के साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए 18.877 ट्रिलियन रुपये का बजट पेश किया। इसका उद्देश्य आईएमएफ को संतुष्ट करने के लिए सार्वजनिक राजस्व को बढ़ाना था। हालांकि रिपोर्ट की मानें तो आईएमएफ पाकिस्तान के बजट से अभी भी खुश नहीं है और कृषि क्षेत्र पर अधिक टैक्स लगाना चाहता है, जिस इसके पहले नाममात्र का कर देने की छूट थी।