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पाकिस्तान फिर परास्त, सुरक्षा परिषद में दो भारतीयों को आतंकी घोषित कराने की मांग खारिज

Thu, 03 Sep 2020 08:57 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, न्यूयॉर्क
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद - फोटो : un.org
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुधवार को एक बार फिर पाकिस्तान को भारत के आगे मुंह की खानी पड़ी। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार को 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत दो भारतीय नागरिकों को आतंकवादी के रूप में नामित करने के इस्लामाबाद के प्रयासों को खारिज कर दिया। 

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दरअसल, पाकिस्तान की कोशिश खुद की तरह भारत को भी दागदार करने की थी, लेकिन भारतीय नागरिकों को आतंकी साबित करने के लिए वह कोई सबूत पेश नहीं कर पाया। पाकिस्तान के इस कदम को जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर को 1267 समिति द्वारा वैश्विक आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध करने में भारत की सफलता के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। 




पाकिस्तान ने जिन चार भारतीय नागरिकों को प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल करने के लिए नामित किया था, उसमें अंगारा अप्पाजी, गोबिंद पटनायक, अजय मिस्री और वेणुमाधव डोंगरा के नाम शामिल थे। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि ये सभी अफगानिस्तान-आधारित समूह का हिस्सा थे, जिसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और जमात-उल-अहरार द्वारा आतंकवादी हमलों को संगठित करने में मदद की। 
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वहीं, पाकिस्तान के इस प्रयास को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम द्वारा 'टेक्निकल होल्ड' के माध्यम से अवरुद्ध किया गया था। इन देशों की पाकिस्तान से मांग थी कि वह इस मामले में सबूत पेश करे। 

सूत्रों ने बताया कि मिस्री और डोंगरा के नाम वाले पाकिस्तान के दावे को जून/जुलाई में ही रोक दिया गया था और बुधवार को बाकी दो व्यक्तियों को भी आतंकवादी मानने से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चार व्यक्तियों को सूचीबद्ध करने के लिए पाकिस्तान द्वारा मामले में कोई सबूत नहीं दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, धार्मिक रंग देकर 1267 विशेष प्रक्रिया का राजनीतिकरण करने की पाकिस्तान की घिनौनी कोशिश को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नाकाम कर दिया है। हम उन सभी परिषद सदस्यों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने पाकिस्तान की मंशा को विफल कर दिया। 

गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध सूची में भारतीय नागरिकों के बारे में पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश किया था। पाकिस्तान की टिप्पणी के जवाब में भारत ने कहा था कि प्रतिबंध सूची सार्वजनिक है और दुनिया देख सकती है कि इसमें कोई भी भारतीय नागरिक शामिल नहीं है। 

पाकिस्तान की तरफ से हमेशा से ही ये दावे किए जाते रहे हैं कि भारत अपनी धरती पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो रही है। हालांकि, आज तक इस्लामाबाद नई दिल्ली के खिलाफ इस मुद्दे पर कोई सबूत पेश नहीं कर पाया है। 

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