पाकिस्तान में चर्चों पर हुए हमले में पुलिस लगातार कार्रवाईयां कर रही है। हिंसा में 21 चर्चों के साथ 100 ईसाई परिवारों के घर जला दिए गए थे। वहीं इस मामले में 60 और लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों की कुल संख्या 200 से अधिक हो गई है।
पंजाब की प्रांतीय राजधानी लाहौर से 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के जरनवाला शहर में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पिछले हफ्ते 21 चर्चों और ईसाइयों के कई घरों में तोड़फोड़ और आग लगा दी थी। एक ईसाई कब्रिस्तान और स्थानीय सहायक आयुक्त के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। इसके बाद पुलिस ने 145 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।
उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें दोषी ठहराने के लिए आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) के समक्ष सभी तरह के सबूत पेश करेगी। उन्होंने कहा कि हम इस मामले के माध्यम से एक उदाहरण स्थापित करेंगे। इस बीच, कार्यवाहक पंजाब सरकार इस सप्ताह की शुरुआत तक सभी क्षतिग्रस्त चर्चों को बहाल करने के अपने वादे पर कायम नहीं रह सकी।
पाकिस्तान सेंटर फॉर लॉ एंड जस्टिस नेपोलियन कय्यूम ने बुधवार को क्षतिग्रस्त चर्चों में अभी तक कोई बहाली का काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने आगे शिकायत की कि केवल मुट्ठी भर ईसाई जिनके घर हिंसा में क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें मुआवजे की राशि के चेक मिले हैं।
पंजाब सरकार ने 94 ईसाई परिवारों को उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक को 20 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की थी। ईसाई नेताओं का कहना है कि हिंसा में कम से कम 200 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सभी को मुआवजा दिया जाना चाहिए। कैथोलिक नेता फ्रांसिस आबिद तनवीर का कहना है कि जरनवाला का सबसे बड़ा चर्च, कैथोलिक चर्च समेत 20 अन्य चर्च और 200 घर जला दिए गए हैं। इसके अलावा भीड़ ने इन घरों से कीमती सामान भी लूट लिया था।