पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत से हमले का डर जताया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने फिर से ट्विटर का सहारा लेकर भारत को गीदडभभकी दी है। इमरान ने कहा कि भारत अपनी घरेलू परिस्थितियों से ध्यान भटकाने के लिए उसके खिलाफ 'छद्म कार्रवाई' कर सकता है। इसके साथ उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान भी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा।
खान ने कई ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार में भारत में फासीवादी विचारधारा के साथ हिंदू राष्ट्र की ओर से बढ़ रहा है। उन्होंने भारत में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में कहा कि वे सभी भारतीय जो बहुलवादी भारत चाहते हैं, वे संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और यह अब जन आंदोलन बनता जा रहा है।
खान ने कहा कि भारत में जिस तरह से विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है, उससे पाकिस्तान पर खतरा भी बढ़ रहा है और भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की नियंत्रण रेखा पर हालात को लेकर की गई टिप्पणी से 'छद्म कार्रवाई' को लेकर पाकिस्तान की चिंता भी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि जनरल रावत ने बुधवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर से लगते नियंत्रण रेखा पर कभी भी तनाव बढ़ सकता है और सेना को इसके लिए तैयार है। उनकी टिप्पणी अगस्त में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निष्क्रिय करने के बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं की पृष्ठभूमि में आई थी।
भारत-अमेरिका के साझा बयान पर आपत्ति
पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका के उस साझा बयान पर आपत्ति ली, जिसमें इमरान खान सरकार को आतंकी संगठनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह संदर्भ बेबुनियाद है। हमें इस पर कठोर आपत्ति है। भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री ने जो बयान दिया, वह पूरी तरह से पाकिस्तान के खिलाफ है। यह निंदनीय है।