पाकिस्तान सरकार का झूठ एक बार फिर सामने आया है। रक्षा बजट में कोई बढ़ोतरी नहीं करने के सरकारी दावे की पोल उस सरकारी दस्तावेज ने खोल दी जिसमें स्पष्ट रूप से 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी दिखाई गई है।
पाकिस्तान सरकार ने दावा किया था कि उसने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट तय किया है। सरकार का दावा था कि रक्षा बजट में कोई फेरबदल नहीं किया गया है और यह राशि पिछले साल जैसी ही है।
लेकिन सरकारी दस्तावेज कुछ और ही बयां कर रहे हैं। पिछेली बार वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 1.10 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें साल के अंत में 3.4 फीसदी बढ़ोतरी की गई और यह राशि 1.13 लाख करोड़ हो र्गई।
इस तरह इस बार के रक्षा बजट में करीब 5220 करोड़ की बढ़ोतरी की गई जो करीब 4.5 फीसदी होती है। लेकिन पाकिस्तान के राजस्व मंत्री हम्माद अजहर ने मंगलवार को बयान दिया कि रक्षा बजट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया और यह पिछले साल जितना ही है। हालांकि उनका झूठ एक दिन के भीतर ही बेनकाब हो गया।
सेना प्रमुख ने भी की थी नियमित वृद्धि की घोषणा
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने भी पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि सशस्त्र बल के लिए वार्षिक रक्षा बजट में नियमित वृद्धि की जा रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी कहा था कि सेना आर्थिक संकट की इस घड़ी में अपने खर्च को कम करने पर सहमत हो गई है। उन्होंने कहा था कि रक्षा बजट में सीमित वृद्धि ही की जाएगी। इसके बावजूद सरकार के राजस्व मंत्री ने झूठा बयान दे डाला।