एक अदालत ने बुधवार को पूर्व सूचना मंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी को राजद्रोह के मामले में जमानत दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया है।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी चौधरी (52 वर्षीय) को पिछले हफ्ते लाहौर में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के सचिव की शिकायत पर इस्लामाबाद के कोहसर पुलिस थाने में उनके खिलाफ चुनाव आयोग के सदस्यों और उनके परिवारों को धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था।
अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश फैजान गिलानी ने बुधवार को चौधरी को राजद्रोह के मामले में 20,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने इस शर्त पर जमानत स्वीकार की कि चौधरी अपने उस आरोप को नहीं दोहराएंगे जिसके कारण उनकी गिरफ्तारी हुई और मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, 'मैं इस शर्त पर जमानत दे रहा हूं कि फवाद चौधरी इस तरह की टिप्पणी नहीं दोहराएं।
चौधरी चुनाव आयोग के सदस्यों को सार्वजनिक रूप से 'धमकी' देने के लिए राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे हैं। हिरासत में लिए गए पीटीआई प्रवक्ता, पार्टी प्रमुख इमरान खान द्वारा बताई गई पार्टी की नीति और उद्देश्यों को उजागर करने में मुखर रहे हैं। पीटीआई ने उनकी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया था और उनकी रिहाई की मांग कर रही थी।