पाकिस्तान में पूर्व राज्यपाल-पूर्व मंत्रियों समेत 25 लोगों को अलग-अलग मामलों में दोषी पाया गया है। अदालत ने इन्हें 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। मामला देश के पूर्व प्रधानमंत्री -इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद दंगों से जुड़ा है। जानिए अदालत ने किन लोगों को किस मामले में सजा सुनाई
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को जेल में बंद प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के 25 सदस्यों को 9 मई, 2023 को हुए दंगों से जुड़े दो मामलों में 10-10 साल कैद की सजा सुनाई। लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत (एटीसी) ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उपाध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को दोनों मामलों में बरी कर दिया।
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पूर्व राज्यपाल और 21 पीटीआई समर्थकों को 10-10 साल की सजा
एक अधिकारी ने बताया कि एटीसी लाहौर के न्यायाधीश मंजर अली गिल ने पंजाब के पूर्व मंत्री यास्मीन राशिद और मियां महमूदुर राशिद, सीनेटर एजाज चौधरी, पंजाब के पूर्व राज्यपाल उमर सरफराज चीमा और 21 पीटीआई समर्थकों को दो मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई है। ये मामले लाहौर में एक पुलिस थाने पर हमला और पुलिस वाहनों को आग लगाने के हैं।
पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़
उन्होंने बताया कि न्यायाधीश ने लाहौर की कोट लखपत जेल में फैसला सुनाया, जहां सभी मामलों की कार्यवाही हुई। उस दिन पीटीआई संस्थापक खान की गिरफ्तारी के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की गई थी।
इमरान खान अगस्त 2023 से ही जेल में बंद हैं
दंगों के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व समेत हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। इमरान खान अगस्त 2023 से कई मामलों में जेल में हैं। पिछले महीने एटीसी फैसलाबाद ने पंजाब प्रांत में उक्त तिथि को आईएसआई भवन और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमले के मामले में नेशनल असेंबली और सीनेट के विपक्षी नेताओं और कई सांसदों सहित पीटीआई के 166 सदस्यों को 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। पीटीआई ने लाहौर हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देने की बात कही।