पाकिस्तान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को छिपाने के प्रयास की रिपोर्ट के बाद एक भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों के वीजा पर प्रतिबंध लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने की मांग की है।
बता दें कि जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने उनकी रिहाई की मांग को लेकर इस्लामाबाद की ओर विरोध मार्च निकाला था, जिसमें अधिकारियों ने कार्रवाई की। इस दौरान चार लोग मारे गए और 50 घायल हो गए।
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना का बयान
पाकिस्तान में फैले द्रोह को लेकर भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी रो खन्ना ने कहा कि पाकिस्तान में असीम मुनीर के शासन के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्याओं को छिपाने की रिपोर्ट से मैं भयभीत हूं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सैन्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाना चाहिए और उनकी संपत्ति जब्त करनी चाहिए।
मिकी शेरिल ने व्यक्त की चिंता
इसके साथ ही कांग्रेसी मिकी शेरिल ने भी पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों के जवाब में हुई हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी लोग एक जीवंत लोकतंत्र के हकदार हैं, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार पिछले महीने कांग्रेसी ग्रेग कैसर और कांग्रेस के 60 अन्य सदस्यों ने पाकिस्तान में मानवाधिकार और लोकतंत्र का समर्थन करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को पत्र लिखकर इमरान खान समेत राजनीतिक कैदियों की रिहाई का आह्वान किया था।
कार्टर सेंटर ने भी जताई चिंता
कार्टर सेंटर ने भी इस्लामाबाद में हुई हिंसा पर चिंता जताई है। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक इकट्ठा होने और प्रदर्शन करने का अधिकार बनाए रखने, अत्यधिक बल के प्रयोग से बचने, मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध हटाने और हजारों प्रदर्शनकारियों की मनमाने ढंग से हिरासत को खत्म करने का आग्रह किया।
सेंटर ने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों को एक विश्वसनीय और पारदर्शी जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार को नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए।