जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई नृशंस आतंकी वारदात के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य नहीं हैं। रिश्ते की तल्खियों के बीच कतर, सऊदी अरब और कुवैत ने पहलगाम आतंकी हमले के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर गहरी चिंता जताई। इन देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने तथा कूटनीतिक माध्यमों से संकट का समाधान करने की अपील की। आने वाले दिनों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बात करेंगे।
कतर के विदेश मंत्रालय ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों को समर्थन देने की बात कही। विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों देश वार्ता और शांतिपूर्ण तरीकों से अपने लंबित मुद्दों का समाधान करें। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संकटों तथा विवादों के समाधान के लिए वार्ता ही सर्वोत्तम तरीका है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ना कतर के लिए भी गहरी चिंता का विषय है। दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने, अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का सम्मान करने और कूटनीतिक माध्यमों से संकट का समाधान करने का आह्वान किया गया।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और सीमावर्ती क्षेत्रों में छह दिनों से जारी गोलीबारी पर चिंता जताते हुए सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा, सऊदी अरब दोनों देशों से तनाव कम करने, संयम बरतने तथा कूटनीतिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने की अपील करता है। सऊदी ने भारत और पाकिस्तान से अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों को बनाए रखने तथा अपने लोगों और क्षेत्र के कल्याण के लिए स्थिरता और शांति के लिए प्रयास करने का आग्रह भी किया।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा, वह मित्रवत भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर नजर रखे हुए है। मंत्रालय कूटनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करने तथा सभी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के समाधान में तर्क और संवाद पर जोर देने में कुवैत की दृढ़ और अडिग स्थिति की पुष्टि करता है। मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, तनाव को बढ़ने से रोकने तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों और नियमों और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का पालन करने का आह्वान किया है।
भारत के साथ तनाव कम करने पर जोर: पाकिस्तानी विदेश मंत्री से मिले अमेरिकी राजदूत
कतर, सऊदी और कुवैत की इस अहम अपील से इतर अमेरिका के राजदूत नटाली बेकर ने भी तनाव कम करने पर जोर दिया। उन्होंने बुधवार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की। पाकिस्तानी विदेश विभाग ने बताया कि अमेरिकी राजदूत बेकर और डार ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बेकर ने डार को तनाव कम करने की अमेरिकी इच्छा से अवगत कराया और कहा कि वह उभरते हालात पर दोनों देशों के साथ बातचीत जारी रखेगा। डार ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका ने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कदम उठाया है। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी से बात कर चुके हैं। अब उनकी सरकार में विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बात करेंगे। इसका मकसद दोनों देशों को संयम बरतने के साथ-साथ तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए राजी करना है।
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पाकिस्तान में खौफ का माहौल
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव कम करने के लिए विभिन्न देशों की ओर से किये जा रहे प्रयासों के बावजूद समय गुजरने के साथ भारत के साथ संघर्ष की आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। आसिफ ने यह टिप्पणी संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए की, जहां उनसे देश की सुरक्षा स्थिति के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा, समय गुजरने के साथ संघर्ष की आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं, कम नहीं हो रही हैं। हालांकि कई देश इस स्थिति को टालने की कोशिश कर रहे हैं। आसिफ ने पाकिस्तान पर किसी भी हमले की स्थिति में भारत को उचित जवाब देने की प्रतिबद्धता जताई, लेकिन पाकिस्तानी कार्रवाई का ब्योरा देने से इनकार कर दिया।
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भारत को बड़ी कार्रवाई की धमकी
उन्होंने कहा, अगर भारत की ओर से कोई उल्लंघन किया जाता है, तो हम जवाब देंगे और हमारी प्रतिक्रिया भारतीय कार्रवाई पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, हमारी प्रतिक्रिया के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। भारत को समझदारी दिखानी होगी। ख्वाजा ने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर इसका कोई सबूत नहीं है क्योंकि तनाव में कोई कमी नहीं आई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बारे में अटकलें नहीं लगाना चाहता, लेकिन यह भारतीय कार्रवाई से बड़ी होगी।'
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