ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने बताया कि इस रिपोर्ट में सिर्फ सालाना एक लाख पाउंड से ज्यादा के टर्न ओवर वाले व्यवसायों को शामिल किया गया है। जबकि छोटे टर्न ओवर वाले व्यवसायों को आगामी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। ग्रांट थॉर्नटन, यूके के अधिकारी अनुज चंदे ने कहा, यह रिपोर्ट ब्रिटेन की आर्थिक समृद्धि ही नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था में प्रवासी भारतीयों के योगदान की तरफ इशारा करती है।
इस अहम रिपोर्ट में बताया गया है कि 654 कंपनियों के अध्ययन के मुताबिक करीब 35 फीसदी के पास उनके बोर्ड में एक या एक से अधिक महिला निदेशक हैं। यही नहीं बल्कि ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी कंपनियों द्वारा प्रदान की गई कुल 1.40 लाख नौकरियों में से 23 कंपनियों ने 80 फीसदी रोजगार मुहैया कराया है
ब्रिटेन में भारतीय प्रवासियों के स्वामित्व वाली कंपनियों के शीर्ष पांच नियोक्ताओं में बी एंड एम रिटेल लिमिटेड 26,496 लोगों को नौकरी देकर पहली पायदान पर है। जबकि वेदांत रिसोर्सेज लिमिटेड ने 25,083, बोपरान होल्डको लिमिटेड ने 21,949, हिंदुजा ऑटोमोटिव ने 19,601 और एचसी-वन लिमिटेड ने 10,949 लोगों को नौकरियां दी हैं।