फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया के इस शहर में गे प्राइड परेड में हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

Fri, 03 Aug 2018 02:08 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 10
इजरायल की राजधानी येरुशलम में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों ने सालाना गे प्राइड परेड (समलैंगिक गर्व परेड) में हिस्सा लिया। बताया जा रहा है कि परेड में करीब 15 हजार लोगों ने शिरकत की थी।
विज्ञापन

2 of 10
इस दौरान लोगों ने इंद्रधनुष बने हुए झंडे हाथों में लिए हुए थे। समलैंगिक जोड़े इस परेड में बेहद खुश दिख रहे थे। समलैंगिक जोड़ों में से किसी ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा हुआ था तो किसी ने हाथों में बोर्ड लिया हुआ था जिनपर लिखा था 'बराबर होने पर गर्व है' तो किसी साइन बोर्ड पर लिखा था 'मैं पिता बनना चाहता हूं।'
विज्ञापन

3 of 10
वहीं कई ऐसे लोग भी दिखे जिन्होंने इस परेड का जमकर विरोध किया। उन्होंने भी हाथों में साइन बोर्ड थामे हुए थे जिनपर लिखा था 'इजरायल एक पवित्र भूमि है न कि समलैंगिक भूमि।' इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों की पुलिस और अधिकारियों से झड़प भी हो गई। पुलिस ने बताया कि उन्होंने चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

4 of 10
लोगों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर क्रोध भी व्यक्त किया। बीते महीने पीएम ने वचन दिया था कि गे पिताओं के लिए सरोगेसी का कानून पारित किया जाएगा लेकिन बाद में उन्होंने इसके विरोध में वोट दिया। माना जा रहा है कि उन्होंने रूढ़िवादी यहूदी गठबंधन सहयोगियों के दबाव में आकर ऐसा किया होगा। इसी बात पर लोगों ने नारा लगाते हुए यह भी कहा कि नेतन्याहू होमोफोब (समलैंगिक लोगों से घृणा करने वाला) है।
विज्ञापन

5 of 10
इस परेड से पहले पुलिस ने कहा था कि वह किसी भी तरह की अशांति फैलने नहीं देंगे और इसमें हिस्सा लेने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। बता दें इससे पहले साल 2015 में शहर में आयोजित गे प्राइड परेड पर जानलेवा हमला किया गया था।
विज्ञापन

6 of 10
परेड के बारे में बताते हुए पुलिस ने कहा कि शुरुआत में तो इसमें 10 हजार लोग शामिल हुए थे लेकिन बाद में उनकी संख्या बढ़ती गई। इस परेड की शुरुआत यरुशलम पार्क से हुई थी और यह वहां निकट गलियों से होकर गुजरी।
विज्ञापन

7 of 10
यरुशलम पार्क में विपक्षी नेता तजीपी लिवनी ने कहा कि 'मैं यहां सरकार को एक संदेश देने आया हूं कि इजरायल को निश्चित रूप से एक ऐसा देश होना चाहिए जो बराबरी और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों को मान्यता दे।'

8 of 10
परेड में शामिल एलजीबीटी समुदाय के एक व्यक्ति ओमेर येहोशुआ ने कहा कि 'मैं यहां हूं क्योंकि मैं एलजीबीटी हूं जो इजरायल में रहता है।' लाल रंग की लिपस्टिक लगाए और हाथों में इंद्रधनुष वाला झंडा लिए ओमेर ने आगे कहा, 'मैं चाहता हूं कि मेरे अधिकार उन्हीं लोगों के बराबर हों जो इस देश में रहते हैं। तो भविष्य में, अगर मैं साथी के साथ हुआ, शादी की और पेरेंट बना और अपने बच्चों को इस दुनिया में लाया तो कह सकूंगा कि हमारे अधिकार बराबर हैं।'

9 of 10
वहीं परेड का विरोध कर रहे चानोक ओबेल ने कहा कि 'वह हमारी संस्कृति बरबाद करना चाहते हैं, वह हमारा समाज बरबाद करना चाहते हैं, वे परिवार की प्रकृति को नष्ट करना चाहते हैं।'
विज्ञापन

10 of 10
बता दें साल 2015 में जब इस तरह की परेड निकली थी तो उसपर हमला किया गया था। जिसमें एक 16 साल की लड़की की मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए थे। देश में नेतन्याहू की सरकार को इतिहास में सबसे ज्यादा दक्षिणपंथी सरकार की तरह कहा जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें