फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Operation Sindoor: ऑस्ट्रियाई सैन्य विशेषज्ञ बोले- संघर्ष में भारत ही जीता, पाकिस्तान को भारी पड़ा जवाब देना

Wed, 06 May 2026 04:30 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की बड़ी सैन्य जीत बताया है। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह कर कड़ा संदेश दिया। पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह फेल रही और भारत ने उसके 98 प्रतिशत मिसाइल व ड्रोन हमले नाकाम कर दिए।
विज्ञापन
टॉम कूपर, युद्ध विशेषज्ञ - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को 1 वर्ष पूरा होने से पहले ऑस्ट्रिया के इतिहासकार व युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर ने भारत की कार्रवाई को स्पष्ट सैन्य जीत बताया। एक साक्षात्कार में कूपर ने कहा, इस टकराव में भारत ने न सिर्फ सैन्य स्तर पर पड़ोसी को पछाड़ा, बल्कि अपनी सटीक-संतुलित कार्रवाई से मजबूत रणनीतिक संदेश भी दिया।
विज्ञापन


कूपर के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए हमले रणनीतिक रूप से बेहद प्रभावी थे। भारत ने पाकिस्तान व पीओके में बड़े आतंकी ठिकानों पर सफल जवाबी हमले किए। इनमें ऐसे ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जो पहले भारत की पहुंच से बाहर माने जाते थे। कूपर ने कहा, इन हमलों से भारी क्षति हुई और पाकिस्तान को रक्षात्मक होना पड़ा। उन्होंने कह, भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि वह पाकिस्तान में किसी भी लक्ष्य पर निशाना साध सकता है, उसे रोका नहीं जा सकता। कूपर के मुताबिक, यह भारत की रणनीतिक सोच में बड़ा बदलाव है। जब उनसे पूछा गया कि इस टकराव में किसकी जीत हुई, तो उन्होंने साफ कहा कि विजेता पूरी तरह भारत रहा। 

पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई पूरी तरह विफल
पिछले वर्ष 7 मई की रात भारत की ओर से आतंकी ढांचे पर हमले के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की। उसने अमृतसर सहित कई क्षेत्रों में भारतीय एयरबेस, सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का प्रयास किया। हालांकि, कूपर ने कहा कि पाकिस्तान की यह कोशिशें अपने उद्देश्य हासिल करने में विफल रहीं। भारत की वायु रक्षा प्रणालियों ने प्रभावी ढंग से पाकिस्तान के 95-98% रॉकेट, मिसाइल व ड्रोनों को नष्ट कर दिया।
विज्ञापन


पाकिस्तान में सैन्य ताकत की छवि बनाए रखना जरूरी: कूपर ने पाकिस्तान के हालात का भी जिक्र किया। वह बोले, वहां की सशस्त्र सेनाओं को अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए सरकार के सामने अपनी भूमिका को उचित ठहराना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सैन्य ताकत की छवि बनाए रखना आंतरिक राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और जनता को यह बताया जाता है कि सेना का मजबूत और प्रभावी रहना जरूरी है।

पाकिस्तान को चीनी प्लेटफॉर्म का सहारा
चीन की भूमिका पर कूपर ने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए चीनी प्लेटफॉर्म जैसे जे-10 लड़ाकू विमान और पीएल-15 मिसाइलों का सहारा लिया, जो दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान गंभीर आर्थिक दबाव में है और बाहरी सहायता के बिना बड़े पैमाने पर रक्षा खरीद को लंबे समय तक बनाए रखना उसके लिए संभव नहीं है। वह बोले, कई बड़े निवेश प्रोजेक्ट अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाए हैं।
विज्ञापन


अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें