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ऑपरेशन समुद्र सेतु: मालदीव में फंसे 700 से अधिक भारतीय वतन वापस लौटेंगे

Fri, 08 May 2020 06:02 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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सुरक्षा जांच से गुजरते भारतीय नागरिक - फोटो : ANI
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भारत ने शुक्रवार को मालदीव से समुद्र के जरिए अपने 700 से अधिक नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है, जो कोविड-19 से जुड़े अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों के कारण द्वीपीय देश में फंसे हुए थे।

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मालदीव में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि बड़े पैमाने पर विदेशों से अपने नागरिकों को लाने के लिए ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ नामक मिशन के तहत भारतीय नौसेना का युद्धपोत ‘आईएनएस जलाश्व’ मालदीव से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए गुरुवार को माले पहुंचा।

कोच्चि में पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों ने कहा कि माले से रवाना होने वाले पहले नौसैनिक जहाज के 10 मई को कोच्चि बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि ‘आईएनएस जलाश्व’ भारतीय नौसेना द्वारा भारतीय नागरिकों को विदेशी तटों से घर लाने के लिए शुरू किए गए मिशन का हिस्सा है ।
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माले के एक रिसॉर्ट में काम करने वाले पलक्कड़ के प्रदीप ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है कि उच्चायोग ने हमारे लिए यह व्यवस्था की और हमें अब तक कोई समस्या नहीं है। हमें उचित दिशा-निर्देश के साथ सभी चीजें मिलीं, सारी व्यवस्थाएं उच्चायोग द्वारा की गई है।

मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया कि केरल के जमशेद ने भारत सरकार केरल सरकार और भारतीय नौसेना को मालदीव से भारतीय नागरिकों को वापस ले जाने वाले इस ऐतिहासिक ऑपरेशन के लिए धन्यवाद दिया है। आईएनएस जलाश्व में राहत सामग्री, कोविड-19 सुरक्षा उपकरणों की पूरी व्यवस्था है, इसके साथ ही जहाज में चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता कर्मी भी मदद के लिए मौजूद हैं।

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ऑपरेशन समुद्र सेतु: वतन वापसी से पहले माले में सुरक्षात्मक जांच से गुजरे भारतीय नागरिक

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संकट के कारण सैकड़ों भारतीय मालदीव में फंस गए हैं। भारत सरकार ने मालदीव में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन समुद्र सेतु' अभियान शुरू किया है। इसके तहत नौसेना का जहाज आईएनएस जलाश्व गुरुवार को माले बंदरगाह पहुंचा।

वहीं, भारतीय नागरिक शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंचें, जहां वे वतन वापसी से पहले आवश्यक जांच और प्रक्रियाओं से गुजरें। मालदीव में स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस बात की जानकारी दी है। 

उच्चायोग ने बताया कि ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत मालदीव से भारतीयों को निकालने के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए उच्चायोग के अधिकारी और स्वयंसेवक पूरे सुरक्षात्मक उपकरणों से लैस हैं। नागरिकों की जांच की जा रही है और जल्द ही वे रवाना होंगे।

गौरतलब हो कि भारतीय नौसेना ने कहा था कि उसका जहाज जलाश्व कोरोना वायरस महामारी के कारण मालदीव में फंसे करीब 750 भारतीयों को लेने के लिए गुरुवार की सुबह माले पहुंच गया।

नौसेना ने एक बयान में कहा था कि यह जहाज आपरेशन समुद्र सेतु का हिस्सा है जो भारतीय नौसेना ने विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने के लिए शुरू किया है। इस जहाज में राहत सामग्री, कोरोना वायरस बचाव सामग्री के साथ चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता स्टाफ है।

बयान में कहा गया था कि हम करीब 750 व्यक्तियों को लेकर आएंगे। इसमें कहा गया था कि आईएनएस जलाश्व में प्रतिदिन तीन मेगावाट बिजली और 212 टन ताजे पानी के उत्पादन की क्षमता है। नौसेना ने कहा था कि जहाज में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के लिए अनुकूल है।


 
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