वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संकट के कारण सैकड़ों भारतीय मालदीव में फंस गए हैं। भारत सरकार ने मालदीव में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन समुद्र सेतु' अभियान शुरू किया है। इसके तहत नौसेना का जहाज आईएनएस जलाश्व गुरुवार को माले बंदरगाह पहुंचा।
वहीं, भारतीय नागरिक शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंचें, जहां वे वतन वापसी से पहले आवश्यक जांच और प्रक्रियाओं से गुजरें। मालदीव में स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस बात की जानकारी दी है।
उच्चायोग ने बताया कि ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत मालदीव से भारतीयों को निकालने के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए उच्चायोग के अधिकारी और स्वयंसेवक पूरे सुरक्षात्मक उपकरणों से लैस हैं। नागरिकों की जांच की जा रही है और जल्द ही वे रवाना होंगे।
गौरतलब हो कि भारतीय नौसेना ने कहा था कि उसका जहाज जलाश्व कोरोना वायरस महामारी के कारण मालदीव में फंसे करीब 750 भारतीयों को लेने के लिए गुरुवार की सुबह माले पहुंच गया।
नौसेना ने एक बयान में कहा था कि यह जहाज आपरेशन समुद्र सेतु का हिस्सा है जो भारतीय नौसेना ने विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने के लिए शुरू किया है। इस जहाज में राहत सामग्री, कोरोना वायरस बचाव सामग्री के साथ चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता स्टाफ है।
बयान में कहा गया था कि हम करीब 750 व्यक्तियों को लेकर आएंगे। इसमें कहा गया था कि आईएनएस जलाश्व में प्रतिदिन तीन मेगावाट बिजली और 212 टन ताजे पानी के उत्पादन की क्षमता है। नौसेना ने कहा था कि जहाज में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के लिए अनुकूल है।