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जेब के साथ-साथ जान का जोखिम भी बढ़ाता है जुआ खेलना, शोधकर्ताओं ने चेताया

Sat, 06 Feb 2021 11:51 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
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जुए की आदत ना सिर्फ आपके पर्स के लिए खतरनाक है, बल्कि ये आपकी जान को भी खतरे में भी डाल सकती है। एक नए शोध में यह चेतावनी दी गई है कि भारी जुआरी समय से पहले ही मर जाते हैं। ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा बड़े जुआरी को वित्तीय समस्याएं कम होने की संभावनाएं हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि उऩको देखना बंद करें और बेरोजगारी को खत्म करें। हालांकि, जिन लोगों ने दांव लगाने के लिए अपने मासिक खर्च का 30 फीसदी से ज्यादा दिया, उनके मरने की संभावना 37 फीसदी तक थी। साफ शब्दों में कहा जाए तो शोधकर्ताओं ने समझाया कि ये मृत्यु दर में बढ़ोतरी के बराबर है।

अपने शोध में शोधकर्ताओं ने पहले लॉयड्स बैंक के दस हजार ग्राहकों पर अज्ञात डाटा का विश्लेषण किया। इस शोध में पाया गया कि 2018 में इनमें से 43 फीसदी लोगों ने कम से कम एक जुए का दांव तो जरूर खेला। इसके अलावा बैंक के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि एक उच्च स्तर के जुए भी एक अनियोजित ओवरड्राफ्ट का उपयोग करने, क्रेडिट कार्ड से भुगतान ना करने या ऋण लेने की संभावनाओं को बढ़ाते हैं। 
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इसके अतिरिक्त, टीम ने 2012-18 की अवधि में एक लाख से ज्यादा ग्राहकों के बदलते बैंक डाटा की भी जांच की और यह पाया कि समय के साथ जुए की आदत और बढ़ सकती है। एक शोधकर्ता ने बताया कि हमने पाया कि मान लीजिए तीन साल पहले, सबसे अधिका जुए पर खर्च करने वाले लोगों में से आधे लोग पहले से ही भारी जुआ खेल रहे थे, जबकि छह महीने पहले ही इन लोगों में से 6.9 फीसदी जुआरियों ने जुआ खेलना बंद किया था।
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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक नाओमी मगलेटन का कहना है सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कम स्तर का जुआ भी क्षति पहुंचा सकता है। 

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