चीन में लाखों की संख्या में छात्र रात में अपनी साइकिलों को चलाते दिखाई दिए। सड़क की रोशनी में घंंटों साइकिल चलाते समय कभी यहां का राष्ट्रगान गाते दिखे तो कभी झंडा लहराते दिखे। अगर आपको लग रहा यह छात्र मजे के लिए यानी करीब पांच घंटे तक साइकिल चला रहे थे तो आप गलत हैं।
एक लाख छात्र सड़कों पर
दरअसल, रात के समय साइकिल चलाने की शुरुआत चार चीनी छात्रों ने की थी। उन्हें सूप डंपलिंग चखना था, जिसके लिए वह साइकिल चलाकर कैफेंग पहुंचे थे। उनसे आकर्षित होकर अन्य छात्रों ने भी 50 किलोमीटर साइकिल चलाकर जाने की योजना बनाई। शुक्रवार को करीब एक लाख छात्र सड़कों पर नजर आए। इससे प्रमुख सड़कें जाम हो गईं। एक छोटा पर्यटक शहर भर खचाखच भीड़ से भरा हुआ दिखाई दिया। मामला सामने आने पर अधिकारियों का ध्यान गया।
40 मील की यात्रा तय की
इन छात्रों ने चीनी शहर झेंग्झौ से पड़ोसी शहर कैफेंग तक 40 मील की यात्रा तय की। हेनान विश्वविद्यालय के एक छात्र लियू लुलु ने बताया, 'लोगों ने एक साथ गाना गाया और एक-दूसरे का उत्साहवर्धन किया, जबकि वे एक साथ रास्ते में आगे बढ़ रहे थे। मैं युवा लोगों के जुनून को महसूस कर सकता था। यह एक साइकिल की सवारी से कहीं बढ़कर था।'
वायरल हो रहा वीडियो
अधिकारियों ने बताया कि कैफेंग में क्षमता से अधिक लोग पहुंच गए थे, जिससे आवास, रेस्तरां और सार्वजनिक स्थान खचाखच भरे हुए थे। ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में हजारों साइकिल सवारों को छह लेन वाले झेंगकाई एवेन्यू पर देखा जा सकता है, जो झेंग्झौ और काफी छोटे कैफेंग की सड़कों के बीच का एक्सप्रेसवे है। वहीं, पुलिस लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर छात्रों से बाइक या मुफ्त बस से जाने के लिए कह रही है।
अधिकारियों ने उठाए यह कदम
शुक्रवार की घटना फिर से न हो सके इसके लिए अधिकारियों ने सप्ताहांत के लिए सड़कों और साइकिल पथों पर अस्थायी प्रतिबंधों का एलान किया। साथ ही बाइक शेयर एप ने चेतावनी दी कि वे झेंग्झौ में निर्दिष्ट ज़ोन से बाहर ले जाने वाली किसी भी बाइक को दूर से लॉक कर देंगे। कुछ झेंग्झौ विश्वविद्यालयों ने परिसरों में साइकिलों पर प्रतिबंध लगाने और छात्रों को परिसर छोड़ने के लिए पास के लिए आवेदन करने की आवश्यकता सहित उपाय भी लागू किए।
जून में की थी चार छात्रों ने यात्रा
जून में झेंग्झौ विश्वविद्यालय के चार छात्रों ने शहर के प्रसिद्ध बड़े आकार के सूप डंपलिंग गुआन तांग बाओ की तलाश में कई घंटों साइकिल चलाकर कैफेंग जाने का फैसला किया था। उनकी यात्रा से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई, जिसने और छात्रों को आकर्षित किया। इसके बाद एक हैशटैग चलाया गया- 'यूथ इज प्राइसलैस, नाइट राइड टू कैफेंग हैज इट।'
अचानक बढ़ी 10 गुना छात्रों की संख्या
यह हैशटैग काफी लोकप्रिय हुआ और अधिक छात्र यात्रा करने लगे। अधिकारियों ने शुरू में इस स्वस्थ और गैर-राजनीतिक गतिविधि का स्वागत किया। उन्हें लगा कि कैफेंग में पर्यटक आकर्षित होंगे। मगर हाल ही में एक शाम सड़क पर छात्रों की संख्या बढ़कर 17,000 हो गई और फिर शुक्रवार को यह संख्या 10 गुना तक बढ़ गई। अनुमान है कि 100,000 से 200,000 तक की संख्या में पहुंचे छात्रों ने सड़क जाम कर दिया था।
इससे कैफेंग के लोगों को बड़ी समस्याएं आईं। उन्होंने शिकायत दी कि शहर में निकलने की जगह नहीं है। सड़कों पर सिर्फ साइकिलों ने गंदगी छोड़ दी थी। ऑनलाइन कई छात्रों ने गंदगी के लिए खेद जताया, लेकिन सवारी का बचाव किया।