कोरोना का नया व संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका में मिलने को लेकर किए जा रहे दावे पर वहां के लेखक, फ्यूचरिस्ट व रणनीतिकार ग्रेम कोड्रिंगटन ने कड़ी आपत्ति जताई है। कोड्रिंगटन ने शनिवार को कहा कि यह नया वैरिएंट दक्षिण अफ्रीका में नहीं फैला है, बल्कि न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, फ्रांस, भारत समेत कई देशों में यह पाया गया है।
कोड्रिंगटन ने मीडिया में हो रहे प्रचार को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका में नहीं फैला है, बल्कि हमारे देश ने इसे खोजा है। मीडिया में कहा जा रहा है कि दक्षिण अफ्रीका में नया कोविड वैरिएंट मिला है। इससे ऐसा लगता है कि यह वैरिएंट यहां पनपा और अब सभी को संक्रमित कर रहा है।
रण्नीतिकार व स्पीकर कोड्रिंगटन ने दावा किया दक्षिण अफ्रीका में संक्रामक रोगों से बचाव का सबसे परिष्कृत और उन्नत बुनियादी ढांचा है। दुनिया के प्रमुख महामारी वैज्ञाानिक दक्षिण अफ्रीका में काम करते हैं। हमें टीबी, एड्स और अफ्रीका महाद्वीप को तबाह करने वाली बीमारियों से निपटने के लिए
उन्होंने दावा किया कि दक्षिण अफ्रीका की चिकित्सा प्रणाली दुनिया में सबसे पहले नए कोविड वैरिएंट की पहचान करती है। हमने टीकों के परीक्षणों में दुनिया का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि मीडिया में दावा किया जा रहा है 'दक्षिण अफ्रीका में नया कोविड वैरिएंट मिला'। यह दावा सही नहीं है।
दक्षिणी अफ्रीकी लेखक ने दावा किया कि नया कोविड वैरिएंट न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ब्राजील, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, फिलीपींस और अन्य देशों में पाया गया है। दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने तो इसकी सबसे पहले खोज की, इसे आइसोलेट किया और इसकी सीक्वेंसिंग की। इसलिए यह ढिंढोरा नहीं पीटा जाना चाहिए कि दक्षिण अफ्रीका असुरक्षित है और वहां ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को शुक्रवार को चिंताजनक वैरिएंट करार दिया है। साथ ही इसका नामकरण भी ग्रीक शब्दावली के आधार पर किया है ताकि यह किसी देश की पहचान न बने और किसी खास देश में इसके फैलने का दुष्प्रचार न हो। डेल्टा को लेकर भारत का नाम भी इसी तरह सामने आया था। भारत की आपत्ति के बाद ही डेल्टा को इंडियन वैरिएंट लिखना बंद किया गया था।
अफ्रीकी स्वास्थ्य मंत्री बोले- हमें बलि का बकरा बनाया जा रहा
इस बीच दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा कि कोविड के नए स्वरूप के कारण एक के बाद एक कई देशों द्वारा उनके देश पर यात्रा पाबंदी लगाना क्रूर और गलत दिशा में उठाया गया कदम है। फाहला ने कहा कि हम महसूस करते हैं कि यह गलत पहल है। यह गलत दिशा में उठाया गया कदम है और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संस्तुत नियमों के विरूद्ध है। हम बस यह महसूस करते हैं कि इन देशों के नेतृत्व में से कुछ उस स्थिति से निपटने के लिए बलि का बकरा ढूढ़ रहे हैं जो एक वैश्विक समस्या है।