इस्लामाबाद में होने जा रही इस्लामी सहयोग संगठन की बैठक में 40 से ज्यादा मुस्लिम देश शामिल होंगे। इस बार ओआईसी सम्मेलन 22 व 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस परेड के साथ ही आयोजित होगा। ओआईसी के विदेश मंत्री 23 मार्च को परेड में अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।
पाकिस्तान में इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की बैठक में इस बार भी पाकिस्तान ने इस मंच का दुरुपयोग करने की ठानी है। उसने ओआईसी सम्मेलन के 48वें सत्र से पहले कश्मीर मसले पर भारत विरोधी एक मसौदा प्रस्ताव तैयार किया है। जबकि संगठन के कई सदस्य भारत से रिश्ते बढ़ाना चाहते हैं।
विज्ञापन
इस्लामाबाद में होने जा रही इस बैठक में 40 से ज्यादा मुस्लिम देश शामिल होंगे। इस बार ओआईसी सम्मेलन 22 व 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस परेड के साथ ही आयोजित होगा। ओआईसी के विदेश मंत्री 23 मार्च को परेड में अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे।
पाक इससे पहले ओआईसी सम्मेलन के चार सत्रों की मेजबानी कर चुका है। इन सम्मेलनों में वह कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। कश्मीर मसले पर मसौदा प्रस्ताव तैयार करने से स्पष्ट है कि पाकिस्तान इस बार भी कश्मीर राग अलापने से बाज नहीं आएगा। ओआईसी मंच पर भारत विरोधी मुद्दे उछालना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी भारत ने ऐसे मुद्दे उठाने पर ओआईसी की खिंचाई की थी। वहीं, विशेषज्ञों मानते हैं कि ओआईसी के कई सदस्य भारत को एक महान विकास भागीदार के रूप में देखते हैं। हाल ही में यूएई और भारत में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता इसका सबूत है।